Ranchi: जून का महीना झारखंड में कांग्रेस पार्टी के लिए अच्छा रहा. 22 साल बाद कांग्रेस ने हाथ से निकल चुकी मांडर विधानसभा सीट पर कब्जा जमाया. वहीं कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की बीजेपी सरकार को घेरा. अग्निपथ योजना और नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी से पूछताछ के खिलाफ कांग्रेस ने राज्यभर में बीजेपी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. कांग्रेस ने ईडी को गुलाम एजेंसी बताया. जून महीने में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, विधायक दल के नेता और मंत्री आलमगीर आलम और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह मंत्री रामेश्वर उरांव सियासी तीर चलाते रहे. पढ़िये तीनों नेताओं के जून में दिये गये 18 बयान...
राजेश ठाकुर के जून में दिये गए बयान
28 जून- समन्वय समिति की बैठक में हमलोग चर्चा करेंगे कि सरकार 11 मंत्रियों से चलेगी या फिर 12 मंत्रियों से. अधिक मंत्री के साथ सरकार चलाने की बात तय हुई तो निश्चित रूप से कांग्रेस का दावा बनता है. 27 जून- राष्ट्रपति चुनाव में दो विचारधाराओं की लड़ाई है. एक तरफ गांधी की विचारधारा है, तो दूसरी तरफ गोडसे की. ये जेएमएम को तय करना है कि वो किसे अपनाती है. 26 जून- अग्निपथ योजना को लेकर सरकार हर रोज नई बदलाव कर रही है. यह स्किम युवाओं के लिए और सैन्य शक्ति के लिए विनाशकारी होगी. 22 जून- केंद्र सरकार ने सत्य को ललकारा है. सत्य को आवरण की जरूरत नहीं है, न ही उसको दबाया जा सकता और न ही उसको झुकाया जा सकता. 15 जून- कांग्रेस यह नहीं चाहती है कि उपद्रवियों का पोस्टर लगे. उपद्रवियों का पोस्टर लगने, बुलडोजर चलने से कोई फायदा नहीं होता. 14 जून- नेशनल हेराल्ड को ऋण देकर कांग्रेस पार्टी ने कोई गलत काम नहीं किया. बीजेपी बेवजह हाय-तौबा मचा रही है. मोदी सरकार लोकतांत्रिक संविधान को लठतंत्र में बदलने का काम कर रही है. 13 जून- ईडी जिस तरह से काम कर रही है, वह ठीक नहीं है. वह एक स्वतंत्र एंजेसी है. उसे गुलाम की तरह नहीं बल्कि न्यायसंगत तरीके से काम करना चाहिए. आलमगीर आलम ने जून में क्या-क्या कहा
27 जून- बीजेपी की सरकार ने अब तक जो भी योजनाएं शुरू की उसका विरोध देश में हुआ है. विरोध का कारण केंद्र सरकार की हिटलरशाही रवैया है. अग्निपथ योजना से सैनिकों का मनोबल कमजोर हुआ है. 20 जून- पूरा देश संकट के दौर से गुजर रहा है. ऐसे में गंगा जमुनी तहजीब को संभाल कर रखने की जिम्मेदारी हम सब पर है. 16 जून- केंद्र सरकार लोगों को महंगाई, रोजगार जैसे असल मुद्दों से भटकाना चाहती है. यही वजह है कि ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसी का दुरुपयोग कर देश में गलत संदेश देने का काम कर रही है, लेकिन कांग्रेस ईडी से डरने वाली नहीं है. 15 जून- रांची हिंसा मामले के उपद्रवियों का पोस्टर लगाना गलत है. बिना परिणाम तक पहुंचे ऐसा करना जल्दबाजी. 14 जून- यूपी में विकास के नाम पर लोगों को बेघर किया जा रहा है. सबका साथ सबका विकास का नारा भी फेल हो गया है. 9 जून- पूरे झारखंड में बिजली की समस्या उत्पन्न हो गयी है. जल्द कैबिनेट की बैठक में बिजली की समस्या को लेकर चर्चा की जाएगी और इसपर समाधान निकाला जाएगा. जून में दिये गये रामेश्वर उरांव के बयान
27 जून- अग्निपथ योजना के जरिये बीजेपी सरकार सशस्त्र बलों की परंपराओं और लोकाचार को नष्ट करने का काम कर रही है. 18 जून- कोविड के कारण झारखंड की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है. ऐसे में केंद्र की मदद के बिना संभलना मुश्किल होगा. केंद्र सरकार जीएसटी क्षतिपूर्ति देना जारी रखे. 14 जून- बीजेपी ने देश में घृणा का माहौल बना दिया है. रांची में जो हिंसा हुई उसे समय रहते काबू कर लिया गया, हालांकि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसमें दो जान गई. 13 जून- नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की कार्रवाई दुर्भावना से प्रेरित है. ईडी के अधिकारी भी यह जानते हैं कि यह गलत है, लेकिन वे बेबस हैं. बीजेपी सरकार में कांग्रेस नेताओं को टारगेट कर प्रताड़ित किया जा रहा है. 11 जून- कार्यकर्ताओं को नेता बनने के लिए गांव जाना होगा. जनता से जुड़ना होगा. उनकी समस्याओं को सुनना और समाधान करना होगा. [wpse_comments_template]
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