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हजारीबाग में 50 फीसदी से भी कम ट्रैफिक जवान, कैसे सुधरेगी यातायात व्यवस्था

चार माह में 50 लाख रुपए वसूला गया जुर्माना, फिर भी नहीं सुधरी स्थिति महज 35 से 37 जवानों के भरोसे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था स्वीकृत और वर्तमान बल के बारे में जानकारी देने से बचते हैं पदाधिकारी Gaurav Prakash Hazaribagh : हजारीबाग में 50 फीसदी से भी कम ट्रैफिक जवान हैं. ऐसे में यातायात व्यवस्था कैसे दुरुस्त होगी, यह सबसे बड़ा सवाल है. शहर हर दिन ट्रैफिक समस्या से जूझ रहा है. इससे निजात पाने के लिए यहां की जनता प्रशासन की ओर टकटकी लगा कर देख रही है. लेकिन अब तक समस्या से निजात नहीं मिल पाया है और न ही प्रशासन के पास कोई भी रोडमैप है, जिससे ट्रैफिक समस्या से मुक्ति दिलाई जा सके.

सबको जल्दी जाने की बेताबी : ट्रैफिक इंस्पेक्टर

दूसरी ओर ट्रैफिक पुलिस समस्या के लिए आम लोगों को दोषी ठहराती रहती है. ट्रैफिक इंस्पेक्टर रोहित सिंह कहते हैं कि लोगों में लापरवाही, जल्दबाजी और नियमों का पालन नहीं करने के कारण ट्रैफिक की समस्या हो रही है. आम जनता एक मिनट भी रुकना पसंद नहीं करती है और नियम तोड़ कर आगे बढ़ जाती है. इससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है. उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए स्कूल-कॉलेजों में जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है. समय-समय पर अभियान चलाकर ट्रैफिक रूल तोड़ने वालों के खिलाफ दंड वसूला गया है. जनवरी में आठ लाख 58 हजार, फरवरी में 13 लाख 56 हजार, मार्च 11 लाख 50 हजार, अप्रैल महीने में 11 लाख 48 हजार रुपए चार माह में 50 लाख रुपए से अधिक के फाइन वसूले गए. इसे भी पढ़ें :स्टूडेंट्स">https://lagatar.in/important-role-of-cip-in-changing-the-mindset-of-students-dr-ajit-sinha/">स्टूडेंट्स

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चौक-चौराहों पर दिखते हैं इक्के-दुक्के जवान

शहर की बात की जाए तो कल्लू चौक से इंद्रपुरी, मेन रोड, लक्ष्मी सिनेमा रोड, गुरु गोविंद सिंह रोड, अन्नदा चौक, कौलटेक्स चौक, बंशीलाल चौक, बड़ी बाजार रोड, कालीबाड़ी रोड, पीटीसी रोड, मटवारी, मार्खम कॉलेज, बड़कागांव रोड, नवाबगंज से होते हुए जिला परिषद चौक समेत अन्य इलाके में जाम की स्थिति आए दिन देखने को मिलती है. इन इलाकों में इक्के-दुक्के ट्रैफिक के जवान दिखते हैं. मेन रोड, झंडा चौक, बंशीलाल चौक, बस स्टैंड, डिस्ट्रिक्ट मोड़ पर ही समूह में ट्रैफिक के जवान नजर आते हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/ttt-2-1.jpg"

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ड्रीम प्रोजेक्ट ट्रैफिक लाइट का सपना रह गया अधूरा : मेयर

हजारीबाग की मेयर रोशनी तिर्की भी बताती हैं कि स्मार्ट हजारीबाग बनाने के लिए नगर निगम से ट्रैफिक लाइट लगाने की योजना थी, लेकिन वह धरातल पर नहीं उतर पाई. यह ड्रीम प्रोजेक्ट था. अब नगर निगम का कार्यकाल समाप्त हो चुका है. इसे भी पढ़ें :खबर">https://lagatar.in/effect-of-news-administration-came-into-action-bdo-investigated-the-bad-solar-water-tower/">खबर

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ट्रैफिक सिस्टम सुधार में सीसीटीएम की भूमिका गौण

चौक-चौराहों पर ट्रैफिक समस्या से निजात पाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. लेकिन ट्रैफिक कंट्रोल करने में इसकी कोई भूमिका नहीं है.

जानकारी देने से बचते हैं पदाधिकारी

वर्तमान में महज 35 से 37 कर्मी ही ट्रैफिक ड्यूटी कर रहे हैं, जो स्वीकृत बल से 50% से भी कम है. स्वीकृत बल और वर्तमान में कार्यरत बल के बारे में जानकारी देने से विभागीय पदाधिकारी बचते हैं. वरीय पदाधिकारी की बात कह कर मौन साध लेते हैं. इस चुप्पी की एकमात्र वजह यह है कि जो स्ट्रैंथ ट्रैफिक में चाहिए, वह हजारीबाग पुलिस के पास नहीं है. ऐसे में अपनी नाकामयाबी छुपाने के लिए कोई पदाधिकारी इस बिंदु पर कुछ भी कहना नहीं चाहता है. [wpse_comments_template]

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