alt="" width="1347" height="1170" /> रांची :
जैन समाज के लोगों ने राजधानी रांची में निकाली मौन रैली
गिरिडीह जिले में स्थित जैन तीर्थ स्थल सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित करने का विरोध बढ़ता जा रहा है. रांची में भी जैन समाज ने मौन रैली निकालकर इसका विरोध किया. मौन रैली अपर बाजार स्थित जैन मंदिर से जाकिर हुसैन पार्क स्थित राजभवन तक निकाली गयी. इसके बाद जैन समाज ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा. दिगंबर जैन समाज के पूर्व मंत्री दिगंबर सेठी ने कहा कि आंदोलन कई महीनों से चल रहा है. जैन समाज की मांग है कि सम्मेद शिखर तीर्थ स्थल को पर्यटन स्थल ना बनाया जाये. अगर सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करेगी तो जैन समाज का आंदोलन तेज होगा.सम्मेद शिखर की भूमि पूजनीय पर्यटन स्थल बनाना उचित नहीं
जितेंद्र जैन ने कहा कि सम्मेद शिखर जैन समाज का सदियों से आस्था का केंद्र रहा है. इस जगह पर तीर्थ शंकर और ऋषि-मुनियों ने तपस्या कर मोक्ष प्राप्त किया. सम्मेद शिखर का कन-कन पवित्र है. जहां की भूमि पूजनीय है, अगर उस स्थल को पर्यटन स्थल बनायेंगे तो यह कतिपय मंजूर नहीं होगा. पर्यटन स्थल और तीर्थ स्थल दोनों के भाव अलग होते हैं. अगर आप किसी मंदिर में जाते हैं तो पूरी निष्ठा और भाव के साथ जाते हैं. लेकिन अगर आप पर्यटन स्थल जाते हैं तो आप मौज मस्ती करने जाते हैं. जैन समाज का धार्मिक स्थल मौज मस्ती के लिए नहीं है.पर्यटन स्थल बनने से धार्मिक स्थल की पवित्रता होगी नष्ट
रैली में शामिल जैन समाज के अधिसंख्य लोगों ने कहा कि सम्मेद शिखर सार्वजनिक तीर्थ स्थल है. जैन समाज नंगे पांव पर्वत पर दर्शन करने जाते हैं. पर्यटन स्थल बनने से धार्मिक स्थल की पवित्रता को नष्ट हो जाएगी, जो जैन समाज को कतई मंजूर नहीं होगा. सरकार से नम्र निवेदन है कि इसे तीर्थ स्थल ही रहने दिया जाए. इसे पर्यटन स्थल ना बनाया जाए. सरकार जल्द कोई फैसला ले, ताकि विवाद खत्म हो.पर्यटन मंत्री ने कहा-जो बेहतर होगा वही निर्णय होगा
हर रोज विरोध-प्रदर्शन और आंदोलन को देखते हुए सम्मेद शिखर मामले को लेकर पर्यटन मंत्री हफिजुल हसन ने कहा कि इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री के संज्ञान में है. वे इसे देख रहे हैं. जो बेहतर होगा वही निर्णय लिया जायेगा. सामाजिक कार्यकर्ता अजय जैन ने कहा कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है. यह हमारी आस्था का विषय है. यह तीर्थंकरों का मोक्ष स्थल है. इसे पर्यटन स्थल से मुक्त किया जाए.जल्द से जल्द मामले पर संज्ञान ले सरकार
चेतन जैन ने बताया कि सरकार जल्द से जल्द इस मामले पर संज्ञान ले. सम्मेद शिखर जैन समाज का प्रमुख आस्था का केंद्र है. भारत में सभी धर्म और आस्था के लोग रहते हैं. जैसे हिंदुओं के लिए वैष्णो देवी है. सिखों के लिए अमृतसर का स्वर्ण मंदिर है. इसी तरह जैनों के लिए सम्मेद शिखर है. सरकार इसको जल्द धार्मिक तीर्थ स्थल घोषित करे. [caption id="attachment_517324" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> हेमंत सेठी[/caption]
हम अपने आंदोलन को और तेज करेंगे
रांची के दिगंबर जैन समाज के पूर्व मंत्री हेमंत सेठी ने बताया कि हमारा आंदोलन कई महीनों से चल रहा है. चाहे राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार, हम अपने आंदोलन को और तेज करेंगे. अगर हमारी मांग सरकार नहीं मानती है, तो हम चुप नहीं बैठने वाले हैं. हमारी संस्कृति के साथ खेलवाड़ करना बंद करे सरकार. [caption id="attachment_517325" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> स्वरूप[/caption]
आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए
जमशेदपुर के व्यवसायी स्वरूप गोलछा ने कहा कि किसी की आस्था के साथ खेलवाड़ करने का किसी को अधिकार नहीं है. जैन समाज की आस्था का केंद्र सम्मेद शिखर को सरकार द्वारा पर्यटन स्थल बनाने का निर्णय गलत है. पर्यटन स्थल बनाने से तीर्थ स्थल की पवित्रता नष्ट होगी, जो जैन समाज की आस्था के साथ सीधे तौर पर खेलवाड़ होगा. [caption id="attachment_517326" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> नरेश वोरा[/caption]
इस पावन भूमि को तीर्थ स्थल ही रहने दिया जाए
धनबाद के नरेश वोरा ने कहते हैं कि जितना महत्व श्री राम जन्मभूमि का है, काशी विश्वनाथ व हरिद्वार का है, उतना ही महत्व हमारे लिए पावन तीर्थ स्थल पारसनाथ का है. हमारे धर्मगुरुओं की इस पावन भूमि को तीर्थ स्थल ही रहने दिया जाए. सरकार इसे पर्यटन स्थल मंए तब्दील ना करे. [caption id="attachment_517327" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> जितेंद्र जैन[/caption]
सम्मेद शिखर जी का कण-कण पवित्र है
रांची के जितेंद्र जैन ने बताया कि सम्मेद शिखर जी सदियों से हमारे आस्था का केंद्र रहा है. यहां से हमारे तीर्थंकरों और ऋषि-मुनियों ने तपस्या करके मोक्ष प्राप्त किया. वहां का कण-कण पवित्र है. पूरी भूमि पूजनीय है. उस स्थल को अगर आप पर्यटक क्षेत्र बनाएंगे, तो अपवित्र हो जाएगा, जो हमें मंजूर नहीं. [caption id="attachment_517330" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> भूमल जैन[/caption]
धर्मस्थल को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए
जमशेदपुर के शहर के व्यवसायी भुमल जैन ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए. लोगों की आस्था को ठेस पहुंचा कर कोई योजना सफल नहीं हो सकती है. जिस तरह सरकार जैन समाज की आस्था का केंद्र सम्मेद शिखर को लेकर राजनीति कर रही है, वह सरासर गलत है. [caption id="attachment_517331" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> अमित[/caption]
बार-बार हमारी आस्था से किया जा रहा खिलवाड़
धनबाद के अमित मटालिया ने कहा कि इस से पहले भी लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में यह बात उठी थी. उस समय भी जैन समाज ने विरोध किया था तो मामला शांत हो गया था. लेकिन बार बार हमारी आस्था से खिलवाड़ किया जा रहा है. पारसनाथ तीर्थ स्थल है और हमेशा रहेगा. [caption id="attachment_517332" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> निहाल छाबड़ा[/caption]
पर्यटन क्षेत्र बनने से इसकी पवित्रता भंग होगी
रांची के निहाल छाबड़ा का कहना है कि धार्मिक स्थल जाने और पर्यटन स्थल में जाने में आपके भाव में परिवर्तन होता है. पर्यटन क्षेत्र में लोग मौज-मस्ती करने जाते हैं, जबकि धार्मिक स्थल पर सिर्फ भक्ति और श्रद्धा का भाव रहता है. सम्मेद शिखर हमारे धर्म का पावन स्थल है. पर्यटन क्षेत्र बनने से इसकी पवित्रता भंग होगी. [caption id="attachment_517333" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> रमेश[/caption]
सरकार को अपने निर्णय पर विचार करना चाहिए
जमशेदपुर के व्यवसायी रमेश लालवानी ने कहा कि सरकार को जैन समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाने के निर्णय पर पुन: विचार करना चाहिए. सम्मेद शिखर को तीर्थस्थल ही बने रहने देना चाहिए. यह जैन समाज की आस्था का सवाल भी है. [caption id="attachment_517334" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> मिलन मेहता[/caption]
पर्यटन व धार्मिक स्थल में अंतर है, फैसला ले सरकार
धनबाद के मिलन मेहता ने कहा कि पर्यटन स्थल पर लोग पिकनिक मनाने जाते हैं. मदिरा व मांस का सेवन करते हैं. यह हमारा धार्मिक स्थल है. सरकार को सोचना चाहिए कि पर्यटन स्थल व धार्मिक स्थल में बड़ा अंतर होता है. इस निर्णय को अविलंब वापस लेना चाहिए, ताकि सारा विवाद जल्द खत्म हो जाए. [caption id="attachment_517335" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> अजय जैन[/caption]
हमारा कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है
रांची के सामाजिक कार्यकर्ता अजय जैन ने बताया कि यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में है तो अच्छी बात है, लेकिन हमारा कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है. यह हमारी आस्था का विषय है. हमारी प्राण पर चोट है, क्योंकि यह हमारे तीर्थंकरों का मोक्ष स्थल है. इसे पर्यटन स्थल से मुक्त किया जाए . [caption id="attachment_517338" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> 5 जनवरी को मौन जुलूस निकालकर विरोध करेंगे[/caption] गिरिडीह के पारसनाथ जैनियों का प्रमुख तीर्थ स्थल है. इस पवित्र जगह से जैन समुदाय की आस्था जुड़ी है. झारखंड सरकार इस जगह को पर्यटन स्थल घोषित करने पर विचार कर रही है. इसे लेकर जैन समुदाय में आक्रोश है. देश व्यापी प्रदर्शन कर सरकार के निर्णय का विरोध किया जा रहा है. [caption id="attachment_517339" align="aligncenter" width="150"]
alt="" width="150" height="150" /> आनंद मटालिया[/caption]
शिखर जी को तीर्थस्थल के रूप में विकसित करें
धनबाद के आनंद मटालिया ने कहा कि शिखर जी हमारा धार्मिक स्थल है यहां हमारे बीस तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया है. यह विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल है. सरकार इसे जैन तीर्थस्थल के रूप में विकसित करे न कि पर्यटन स्थल के रूप में इसका विकास हो. सरकार जल्द फैसला ले. [caption id="attachment_517341" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> चेतन जैन[/caption]
केंद्र सरकार देखे कि गलती कहां हो रही है
रांची के चेतन जैन ने बताया कि सरकार को पता है कि जैन स्थल पवित्र स्थल होता है. सभी ये भी जानते हैं कि पर्यटन स्थल क्या होता है. केंद्र सरकार इसे देखे कि गलती कहां हो रही है. सरकार जल्द से जल्द इस पर संज्ञान ले. जो भी नोटिफिकेशन निकालना हो, निकालें. सरकार जल्द से संज्ञान ले और इसे धार्मिक तीर्थ स्थल घोषित करे. [caption id="attachment_517342" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> नोकेश जैन[/caption]
सरकार की नीति से जैन समुदाय में आक्रोश
गिरिडीह के गिरिडीह दिगंबर जैन समाज के मंत्री नोकेश जैन ने बताया कि पारसनाथ को पर्यटन स्थल घोषित करने के सरकार के विचार से जैन समुदाय में आक्रोश है. इसके विरोध में 5 जनवरी को गिरिडीह में मौन जुलूस निकाला जाएगा. इस दौरान भी पुरजोर विरोध दर्ज किया जाएगा. सरकार जल्द कोई फैसला ले. [caption id="attachment_517344" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> आकाश जैन[/caption]
पर्यटन स्थल घोषित होने से पवित्रता भंग होगी
व्यवसायी आलोक जैन ने बताया कि पारसनाथ की महत्ता हमारे समाज के लिए सर्वोच्च है और सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल के रूप में घोषित करना समाज के प्रति बहुत बड़ा अन्याय है. यह हमारे समाज का सबसे बड़ा तीर्थ स्थान है. यह पूर्ण रूप से गलत है. पर्यटन स्थल घोषित होने के बाद इसकी पवित्रता भंग हो जाएगी. [caption id="attachment_517345" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> मोनिका जैन[/caption]
हमारी आस्था पर कोई चोट न पहुंचाएं
रांची की जैन महिला जागृति की उपाध्यक्ष मोनिका जैन ने बताया कि इस पवित्र तीर्थ स्थान को पवित्र रहने दिया जाए. इसे पर्यटक स्थल नहीं बनाया जाए, क्योंकि यह जैनियों की आस्था का स्थल है. सदियों से यहां हमारे तीर्थंकर मोक्ष प्राप्त किया है. सरकार से मांग है कि हमारी आस्था पर किसी तरह का कोई चोट न पहुंचाएं. [caption id="attachment_517347" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> महेश[/caption]
पर्यटन स्थल बनने पर यहां की पवित्रता समाप्त होगी
गिरिडीह के व्यवसायी महेश जैन का कहना है कि पारसनाथ जैनियों का पवित्र तीर्थ है. किसी भी हालत में इसे पर्यटन स्थल का दर्जा नहीं मिलना चाहिए. पर्यटन स्थल बनने पर यहां की पवित्रता समाप्त होगी. झारखंड सरकार इस मसले पर गंभीरता से विचार करे. जल्द कोई फैसला ले. [caption id="attachment_517348" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> कुशल[/caption]
सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करना गलत
कुशल जैन ने बताया कि सरकार द्वारा सम्मेद शिखर को पर्यटन क्षेत्र के रूप में घोषित करना सरासर गलत है, क्योंकि यह जैन समुदाय का सबसे पवित्र स्थल है. इसका पूरे भारत ही नहीं, विश्व में कहीं भी रहने वाले जैन समुदाय के लोग यहां पर आते हैं और इस 27 किलोमीटर की परिक्रमा अवश्य करते हैं. [caption id="attachment_517349" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> सरोज पांड्या[/caption]
हम अहिंसावादी है, मौन विरोद जरूर करेंगे
रांची की जीतू की चीफ सेक्रेटरी सरोज पांड्या ने बताया कि इस मौन रैली से हमारा एक ही संदेश है कि हमारे तीर्थ स्थल की पवित्रता पर किसी तरह का प्रहार हम बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम अहिंसावादी हैं, इसलिए मौन विरोध तो जरूर करेंगे. अल्पसंख्यक जरूर हैं लेकिन हमारी मांग है कि सरकार इसे पर्यटन स्थल घोषित ना करे. [caption id="attachment_517350" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> धीरज कुमार[/caption]
तीर्थ और पर्यटन स्थल में भिन्नता होती है
गिरिडीह के दिगंबर जैन समाज गिरिडीह के युवा मंत्री धीरज कुमार जैन का कहना है कि तीर्थ और पर्यटन स्थल में भिन्नता है. तीर्थ स्थल में धार्मिक नियमों का पालन करना होता है. पर्यटन स्थल में नियम-कायदे नहीं होते. पर्यटक मांस-मदिरा का सेवन करते हैं. जूते-चप्पल पहनकर घूमने की आजादी होती है. [caption id="attachment_517352" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> रजनी जैन[/caption]
सरकार कोई कदम सोच-समझ कर ही उठाए
जैन समाज की महिला रजनी जैन ने कहा कि सरकार को कोई भी कदम सोच समझकर उठाना चाहिए. ऐसा कोई कार्य ना करे, जिससे किसी की भावनाएं आहत हो. सरकार यग जानती है कि शिखर सम्मेद पारसनाथ जैन समुदाय का सर्वोच्च पूजनीय स्थल है और इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना सरासर गलत है. [caption id="attachment_517353" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> प्रतिभा[/caption]
सम्मेद शिखर को आस्था का प्रतीक ही बनाए रखें
रांची की जैन महिला जागृति की सेक्रेटरी प्रतिभा जैन ने बताया कि हमारी एक ही मांग है कि तीर्थ क्षेत्र को तीर्थ क्षेत्र ही रहने दिया जाए, उसे पर्यटन क्षेत्र ना बनाएं. हमने अनंत काल से धर्म याचना की है. कभी भी हमने मांग नहीं की कि उसे सुधारा जाए. जिस स्थिति में जिस परिवेश में वह हमें मिला, हमने स्वीकारा. [caption id="attachment_517354" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> अरिहंत वैद[/caption]
जैनियों की आस्था को ठेस पहुंची है
चास के बाईपास निवासी अरिहंत वैद ने कहा कि जैन समुदाय का प्रतीक पारसनाथ पर्वत राज सम्मेद शिखर है. यहां आराधना के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. सरकार द्वारा धार्मिक स्थल को पर्यटन स्थल बनाने का प्रयास जैनियों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाया रहा है. [caption id="attachment_517355" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> मानिक[/caption]
सरकार का फैसला जैन समाज को स्वीकार नहीं
श्री दिगंबर जैन समाज के रामगढ़ के अध्यक्ष मानिक जैन कहते हैं कि सम्मेद शिखर पारसनाथ पर्वत देश-विदेश के जैन समाज की आस्था का केंद्र है. सरकार का इसे पर्यटक क्षेत्र घोषित करने का फैसला जैन समाज को कतई स्वीकार नहीं है. जैन समाज के इस पवित्र स्थल की पवित्रता बरकरार रहनी चाहिए. [caption id="attachment_517356" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> स्मिता जैन पांड्या[/caption]
सरकार अपने फैसले में संशोधन करे
रांची की महिला जैन जागृति मंच की कोषाध्यक्ष स्मिता जैन पांड्या ने कहा कि हम सब मिलकर सम्मेद शिखर स्थल की पवित्रता को नष्ट होने से बचाएंगे. सरकार से निवेदन करते हैं कि अपने आदेश में थोड़ा संशोधन करें. इसे पर्यटन स्थल घोषित न करें. साथ ही इसे पवित्र धार्मिक तीर्थ क्षेत्र घोषित करें. [caption id="attachment_517357" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> कमला[/caption]
आस्था पर गहरी चोट लगी है, शांत नहीं बैठेंगे
बोकारो के सेक्टर 4 निवासी कमला जैन ने कहा कि सम्मेद शिखर एक जैनियों का धर्म स्थल है. अगर सरकार द्वारा हमारी आस्था पर चोट की जाती है, तो हम लोग शांत नहीं बैठेंगे. आस्था के केंद्र को सैर सपाटा और मौज मस्ती का केंद्र बनाना किसी को स्वीकार नहीं. सरकार जल्द से जल्द कोई निर्णय ले. [caption id="attachment_517359" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> अरविंद[/caption]
सम्मेद शिखर को तीर्थस्थल ही बने रहने देना चाहिए
श्री दिगंबर जैन समाज के रामगढ़ उपाध्यक्ष अरविंद सेठी कहते हैं कि सम्मेद शिखर पारसनाथ जैन धर्म का आन, बान और शान है. इसलिए पहले की तरह सम्मेद शिखर को तीर्थ स्थल ही बने रहना देना चाहिए. चाहे देश में जिसकी भी सरकार हो, जैन समाज उनके साथ खड़ी रही. ना कभी आरक्षण मांगा और ना ही कभी और कुछ. [caption id="attachment_517361" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> अर्पिता जैन[/caption]
लगातार सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज करेंगे
रांची की अर्पिता जैन ने कहा कि सम्मेद शिखर को तीर्थ स्थल बनाए रखने दिया जाए. इसे पर्यटन स्थल ना बनने दिया जाए. इससे हमारी आस्था जुड़ी हुई है. हमारे 24 तीर्थंकरों ने यहां मोक्ष की प्राप्ति की. हम इसकी पवित्रता को नष्ट होने से बचाएंगे और इसे पर्यटन स्थल नहीं बनने देंगे. नहीं तो सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे. [caption id="attachment_517362" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> विकास जैन[/caption]
जैनियों की आस्था का ख्याल रखना चाहिए
बोकारो के सिटी सेंटर निवासी विकास जैन ने कहा कि सम्मेद शिखर सहित कई धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल बनाने की कवायद दुर्भाग्यपूर्ण है. पर्यटकों के आने-जाने से यहां की शांति और पवित्रता भंग होगी. सरकार के देश दुनिया में बसे समस्त जैनियों की आस्था का ख्याल रखना चाहिए. [caption id="attachment_517363" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> जम्बू[/caption]
धार्मिक स्थलों की पवित्रता भी बरकरार रहनी चाहिए
श्री दिगंबर जैन समाज के रामगढ़ कोषाध्यक्ष जम्बू जैन कहते हैं कि यहां से मोछ प्राप्त कर हमारे तीर्थंकर भगवान बने. इसलिए वहां की पवित्रता बरकरार रहनी चाहिए. सम्मेद शिखर जैन समाज के लोगों के लिए सबसे बड़ी आस्था का केंद्र है और धार्मिक स्थलों की पवित्रता भी बरकरार रहनी चाहिए. [caption id="attachment_517364" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> जीतेंद्र जैन[/caption]
कोई धर्म भावना से खेलवाड़ की नहीं देता इजाजत
हजारीबाग के बड़ा बाजार जैन मंदिर रोड निवासी जीतेंद्र जैन कहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार की मंशा जैनियों के प्रति ठीक नहीं है. पारसनाथ को पर्यटन स्थल घोषित नहीं करना चाहिए. इससे धार्मिक भावनाएं आहत होंगी. कोई धर्म भावना से खेलवाड़ की इजाजत नहीं देता है. पर्यटन स्थल बनने से यहां लोगों की भीड़ बढ़ेगी. उसके बाद यह पावन धरती पहले की तरह नहीं रह जाएगी. सरकार को यह निर्णय वापस लेने की जरूरत है. [caption id="attachment_517365" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> मौसमी जैन[/caption]
सरकार के निर्णय से जैनियों को लगा है आघात
हजारीबाग के बड़ा बाजार जैन मंदिर रोड निवासी मौसमी जैन कहती हैं कि सरकार के निर्णय से जैनियों को गहरा आघात लगा है. पारसनाथ को पर्यटन स्थल घोषित नहीं किया जाना चाहिए. सदियों से यहां जैन धर्म का प्रसिद्ध तीर्थस्थल है. पर्यटन स्थल बनने से यहां की पवित्रता पहले की तरह नहीं रह जाएगी. इसे संरक्षित और सहेज कर रखने की जरूरत है. सरकार जल्द से जल्द इस पर फैसला ले. [caption id="attachment_517366" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> अभिषेक जैन[/caption]
..तो पवित्र तीर्थ स्थान अशुद्ध हो जाएगा
हजारीबाग के चौपारण के जैन खीरमोहन के मालिक अभिषेक जैन उर्फ इलू जैन ने बताया कि जैन समाज के सबसे पवित्र स्थल भगवान पारसनाथ पर्वत को माना जाता है. लेकिन झारखंड सरकार ने इसे पर्यटक स्थल घोषित कर दिया है. इसे श्री सम्मेद शिखरजी तीर्थ स्थान भी कहा जाता है. पर्यटक स्थल घोषित किए जाने के बाद यहां होटल भी खुलेंगे. लोग पिकनिक भी मनाएंगे. मांस-मदिरा का भी सेवन करेंगे, जो गलत होगा. [caption id="attachment_517367" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> सिद्धांत जैन[/caption]
पारसनाथ को नहीं बनाना चाहिए पर्यटन स्थल
हजारीबाग के बॉडम बाजार निवासी सिद्धांत जैन कहते हैं कि पारसनाथ को पर्यटन स्थल नहीं बनाना चाहिए. इससे इस धार्मिक स्थल की पवित्रता भंग हो जाएगी. लोग मांस-मदिरा का सेवन करने लगेंगे. इससे जैनियों की परेशानी बढ़ेगी. उनकी धार्मिक भावनाएं आहत होंगी. सरकार इस निर्णय को वापस ले, नहीं तो आंदोलन होगा. यह जैन धर्मावलंबियों के साथ कुठाराघात है. [caption id="attachment_517368" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> निर्मल जैन[/caption]
किसी की भी धार्मिक भावनाएं आहत नहीं हो
हजारीबाग के निर्मल जैन कहते हैं कि किसी की भी धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होनी चाहिए. सम्मेद जी शिखर से जैन समाज की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं. वहां पर्यटन स्थल बनने से लोग मांस-मदिरा का सेवन करेंगे. धार्मिक स्थल पर मांस-मदिरा सेवन वर्जित रहता है. वैसे भी जैन समाज कुरीतियों और कुसंगत से दूर रहते हैं. किसी भी हाल में यहां पर्यटन स्थल नहीं बनना चाहिए. [caption id="attachment_517369" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> अभिषेक जैन[/caption]
सरकार जल्द अपनी भूल का सुधार करे
कोडरमा के झुमरीतिलैया निवासी अभिषेक जैन ने कहा कि सरकार पारसनाथ पहाड़ को पर्यटन स्थल घोषित कर कर जन समुदाय के साथ खेलवाड़ किया है. यह जैन समाज के लिए पावन धार्मिक स्थल है. इस कारण जैन समुदाय में आक्रोश है. वे इसी बात का विरोध कर रहे हैं. सरकार इसे जल्द से जल्द इसे तीर्थ स्थल घोषित कर अपनी भूल को सुधार करें, तभी आंदोलन खत्म किया जाएगा. [caption id="attachment_517370" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> अक्षय जैन[/caption]
जनमानस की भावना का ख्याल रखे सरकार
कोडरमा के झुमरीतिलैया निवासी अक्षय जैन ने कहा कि सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल बनाने का विरोध देशभर में हो रहा है. जनमानस की भावना का ख्याल रख सरकार अपना निर्णय वापस ले और इसे पर्यटन स्थल की जगह तीर्थ स्थल के रूप में और विकसित करे. देश में पर्यटन स्थलों की संख्या काफी अधिक है. उसकी तुलना में धार्मिक स्थल कम हैं. इसे धार्मिक स्थल बने रहने देना चाहिए. [caption id="attachment_517371" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> विकास[/caption]
पर्यटन व धार्मिक स्थल की परिभाषा अलग है
कोडरमा के झुमरीतिलैया निवासी विकास जैन कहना है कि यह बहुत सामान्य सी बात है कि पर्यटन स्थल और धार्मिक स्थल की परिभाषा अलग-अलग है, दोनों अलग- अलग चीजें हैं. कोई भी धार्मिक स्थल घूमने-फिरने की जगह नहीं होती. धार्मिक स्थल आस्था का स्थान होता है. इसलिए जैनियों के प्रमुख तीर्थस्थल सम्मेद शिखर को धार्मिक स्थल ही रहने दिया जाए. [caption id="attachment_517372" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> नवीन जैन[/caption]
पर्यटन स्थल घोषित करना सरकार की भूल
कोडरमा के झुमरीतिलैया निवासी नवीन जैन सम्मेद शिखर पारसनाथ तीर्थ स्थल है और लोग यहां पर भगवान का दर्शन करने आते हैं. इसे तीर्थस्थल ही रहने दिया जाए. इसे पर्यटन स्थल घोषित करना झारखंड सरकार की भूल है और अपनी भूल वापस ले जैन समाज की भावना आहत ना करें. जैन समाज हमेशा से शांति से देश के विकास का भागीदार बना रहता है. इसका ध्यान जरूर रखे हमारी सरकार. [caption id="attachment_517373" align="aligncenter" width="150"]alt="" width="150" height="150" /> मनोज[/caption]

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