- विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
- राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक
लाख साजिशों के बाद भी सरकार नहीं गिरी, नेतृत्व परिवर्तन हुआ : आलमगीर
alt="" width="722" height="461" /> राज्यपाल के अभिभाषण पर मंत्री आलमगीर आलम ने सरकार की ओर से उत्तर दिया. उन्होंने कहा कि चंपाई सोरेन के नेतृत्व में बनी सरकार हेमंत सोरेन के कार्यों को आगे बढ़ाएगी. कहा कि हमारी सरकार 2019 में आई थी. यह सभी जानते हैं कि भाजपा ने किस तरह पहले दिन से ही हमारी सरकार को गिराने के षड्यंत्र रचे. सरकार गिरी नहीं, लेकिन हेमंत सोरेन के इस्तीफे का कारण नेतृत्व परिवर्तन हुआ, इसलिए इस सरकार का नाम हेमंत सरकार पार्ट-2 है. हेमंत सरकार के अधूरे कामों को हमारी सरकार पूरी करेगी. आपकी योजना, आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के जरिये हेमंत सरकार ने गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्या सुनी है. भाजपा पर हमला करते हए कहा कि ये लोग प्रदेश की कानून व्यवस्था की बात करते हैं, लेकिन इनमें मणिपुर की हालत पर बोलने की हिम्मत नहीं है.
निशिकांत दुबे के इशारों पर चल रही भाजपा : दीपिका
alt="" width="885" height="436" /> कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कल जो कुछ सदन में हुआ, उसे पूरे देश ने देखा. संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति (राज्यपाल) के आचरण को सबने देखा. सोमवार को भाजपा के एक-एक विधायक की नजर शर्मिंदगी से झुकी हुई थी. राज्यपाल अभिभाषण पढ़ रहे थे, सरकार के कामकाज की तारीफ कर रहे थे, लेकिन उनके बॉडी लैंग्वेज से लग रहा था कि वे सरकार से सहमत नहीं थे. सांसद निशिकांत दुबे पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा निशिकांत दुबे के इशारों पर चल रही है. भावुक होकर दीपिका ने कहा कि हेमंत सोरेन जब जेल से बाहर निकलेंगे, तब कुंदन की तरह तपकर बाहर आएंगे.
नया इतिहास रचने के लिए सत्ता पक्ष को धन्यवाद : लंबोदर
alt="" width="858" height="434" /> आजसू विधायक लंबोदर महतो ने कहा कि जब राज्यपाल का अभिभाषण हो रहा था, तब हेमंत सोरेन समेत सत्ता पक्ष के तमाम विधायक खड़े होकर राज्यपाल की हूटिंग कर रहे थे. ऐसा कोई सदन नहीं होगा, जहां सत्ता पक्ष के सदस्यों ने राज्यपाल की हूटिंग की हो. यह नया इतिहास रचने के लिए वे सत्ता पक्ष को धन्यवाद देते हैं. लंबोदर ने कहा कि राज्यपाल ने अपने अभिभाषण की 67 कंडिका पढ़ी. बाद में पता चला यह तो झूठ का पुलिंदा है. सरकार की पोल न खुले, इसलिए सत्ता पक्ष के लोगों ने अभिभाषण के समय हल्ला शुरू कर दिया था.
जनादेश के हरण का कुंठित प्रयास किया गया : सुदिव्य सोनू
alt="" width="883" height="444" /> झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि 2019 में राज्य की जनता ने हेमंत सरकार को जनादेश दिया था, लेकिन भाजपा ने जनादेश का हरण करने का कुंठित प्रयास किया. इस हरण में राजभवन की भूमिका भी संदिग्ध हो जाए तो सवाल उठना लाजिमी हो जाता है. राजभवन की शुचिता और मर्यादा को तार-तार कर दिया गया है. 31 जनवरी को हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद इनके मुंह से लार टपक रही थी कि सरकार बनाएंगे, लेकिन आंकड़े तो इनके पास थे नहीं. राज्य के जनादेश का हरण करने वालों को जनता चुनाव में सबक सिखायेगी. विधायक ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष कह रहे थे कि परिवारवाद से मुक्ति हो गई, लेकिन उन्हें अपनी पार्टी में परिवारवाद नहीं दिखता है. भाजपा को सींचने वाले विधायक बैक बेंचर बने हुए हैं. इनको अपनी पार्टी के भानु प्रताप, अपर्णा सेनगुप्ता, अमित मंडल और जेपी पटेल जैसे नेताओं में परिवारवाद नहीं दिखता है. इसे भी पढ़ें : JSSC">https://lagatar.in/sit-formed-in-jssc-cgl-exam-question-paper-leak-case-sadar-dsp-will-lead/">JSSC
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