Hazaribagh: विनोबा भावे विश्वविद्यालय में झारखंड की जनजातियां विषय पर एमबीए के सभागार में संगोष्ठी हुई. वीबीयू के कुलपति डॉ मुकुल नारायण देव ने इसका उद्घाटन किया. कुलपति ने कहा कि जनजातियों का जीवन सरल है, लेकिन गुणों से भरपूर है. उनकी जिंदगी प्रकृति के साथ समन्वय स्थापित कर गुजरती है. इसमें जल, जंगल और जमीन का काफी महत्व है. कुलपति ने संगोष्ठी के आयोजक डॉ गंगानाथ झा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका विश्वास है कि निश्चित तौर पर इस संगोष्ठी से बेहतर निष्कर्ष निकलेंगे. इससे जनजातियों की जीवन पद्धति में सुधार हो सकेगा. कुलपति ने कहा कि परिसर में टीआरएल का भवन बनकर तैयार है. उनकी इच्छा है कि इस भवन का उद्घाटन महामहिम राष्ट्रपति करें. जनजातियों में रस्सी, टोकरी और सूप बनाने के अद्भुत गुण हैं. सिर्फ इसमें वैज्ञानिकता के पुट डालने का प्रयास होना चाहिए. कुलपति ने विषय से संबंधित व्याख्यानमाला आयोजन करने के लिए विशेषज्ञों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया. डॉक्टर गंगानाथ झा ने कहा कि झारखंड में 26% जनजातियां जंगल और पहाड़ों में निवास करती हैं. वे आज भी विकास की मुख्यधारा से दूर हैं. उनके लिए इस संगोष्ठी में हो रहे वैचारिक मंथन से विकास की नई राह निकल सकेगी. ऐसा उनका विश्वास है. डॉ नमिता गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. डॉक्टर जॉनी रूफीना तिर्की ने कहा कि सांस्कृतिक सापेक्षवाद को समझे बिना इन विषयों का अध्ययन नहीं किया जा सकता है. इसे भी पढ़ें- शिक्षा">https://lagatar.in/mamtas-minister-partha-chatterjee-arrested-by-ed-in-education-recruitment-scam-arpita-mukherjee-also-in-custody/">शिक्षा
भर्ती घोटाला मामले में ममता के मंत्री पार्थ चटर्जी को ED ने गिरफ्तार किया, अर्पिता मुखर्जी भी हिरासत में संगोष्ठी में मानव विज्ञान, अर्थशास्त्र, टीआरएल व इतिहास विभाग के शोधार्थी और विद्यार्थी काफी संख्या में मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर जॉनी रूफीना तिर्की और धन्यवाद ज्ञापन डॉ गंगानंद सिंह ने किया. उद्घाटन सत्र में डॉक्टर पीसी देवघरिया, डॉ चंद्रशेखर सिंह, डॉ अशोक मंडल, डॉक्टर विकास कुमार, डॉक्टर नीरज दांग, डॉक्टर तनवीर यूनुस और डॉ इपसा खुर्शीद समेत कई शिक्षक मौजूद थे. विभावि के पीआरओ डॉ प्रमोद कुमार ने इसकी जानकारी दी. इसे भी पढ़ें- बिहार">https://lagatar.in/nias-eye-on-4-suspected-youths-of-siwan-associated-with-terrorist-group-jaish-e-mohammed/">बिहार
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प्रकृति के पूजक जनजातियों का जीवन गुणों से भरा है : कुलपति

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