Ranchi : बिहार में राज्य सरकार द्वारा जातीय जनगणना शुरू किये जाने के बाद झारखंड में भी इसकी मांग तेज हो गयी है. मूलवासी सदान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी जातीय जनगणना करायी जाये. पिछड़ी जातियों की जनगणना के साथ ही आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षणिक स्थिति जानने के लिए मूलवासी सदान आयोग का गठन किया जाना चाहिए. कहा कि जातिगत जनगणना कराना आरक्षण की बात नहीं है. देश को सही जानकारी मिले यह भी जरूरी है. उन्होंने झारखंड में पिछड़ों के अलावे मूलवासी सदानों के सवर्ण समुदायों की स्थिति का सर्वेक्षण कराने की भी मांग की है.
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सर्वेक्षण के बिना पिछड़ी जातियों को कोई लाभ नहीं मिलेगा
उन्होंने कहा कि पिछड़ी जातियों की सामाजिक, आर्थिक,राजनीतिक, शैक्षणिक स्थिति का सर्वेक्षण सरकार जब तक नहीं कराती है, तब तक कानूनी अड़चन के कारण पिछड़ी जातियों को कोई लाभ नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछड़ी जातियों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की सराहनीय पहल की है. लेकिन जब तक सर्वेक्षण नहीं होगा, इसका कोई लाभ मिलने वाला नहीं है. झारखंड में पिछड़ी जातियों की आबादी 55 प्रतिशत है. ऐसे में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देना नाइंसाफी होगी. उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़ी जातियों का 7 जिलों में आरक्षण शून्य है. सरकार को इसमें तुरंत सुधार करनी चाहिए, ताकि पिछड़ी जातियों को आरक्षण का लाभ मिल सके. इसे भी पढ़ें – 1857">https://lagatar.in/martyr-sheikh-bhikhari-tikait-umrao-singh-played-an-important-role-in-the-revolution-of-1857-chandraprakash-chowdhary/">1857की क्रांति में शहीद शेख भिखारी-टिकैत उमराव सिंह ने अहम भूमिका निभाई : चंद्रप्रकाश चौधरी [wpse_comments_template]
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