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Liquor Scam: शराब कंपनियों में काम करने वाले कागजी कर्मचारियों का वेतन 97 लाख तक

  • शराब के धंधे में हुई अवैध कमाई को जायज करार देने के लिए अपनाया गया हथकंडा
  • ईडी ने जांच में पाया कि रकम 20 कर्मचारियों के नाम पर लिये गये थे
  • सभी कर्मचारियों का Surname एक दूसरे से मिलता जुलता था

Ranchi: शराब की कंपनियों में काम करने वाले कागजी कर्मचारियों को 7-97 लाख रुपये तक वेतन दिया जाता था. छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ है. वेतन के रूप में दिये गये वेतन का असली मकसद शराब के धंधे में हुई अवैध कमाई को जायज करार देने के लिए अपनाया गया हथकंडा है. ओम साईं बिवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड ने विजय भाटिया को पैसा देने के लिए यह तरीका अपनाया था.


छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के दौरान पाया गया कि विजय भाटिया ने राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल कर ओम साईं बिवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड में 52.5% की हिस्सेदारी ली. इसके बाद इस बेनामी हिस्सेदारी के बदले कंपनी के मुनाफे में से कागजी कर्मचारियों के नाम पर वेतन के रूप में 6.02 करोड़ रुपये लिये. 


ईडी ने जांच में पाया कि यह रकम 20 कर्मचारियों के नाम पर लिये गये थे. इसमें से 19 कर्मचारियों के लिए वेतन के रूप में और टी.भुनेश्वर राव को सूद के रूप में 30.60 लाख रुपये का भुगतान दिखाया गया था. ईडी ने जांच में पाया कि विजय भाटिया ने जिन कागजी कर्मचारियों के वेतन के रूप में 6.02 करोड़ रुपये लिये थे, उन सभी कर्मचारियों का Surname एक दूसरे से मिलता जुलता था. अधिकांश कर्मचारियों का Surname  लेखवानी, अनदानी, रामवानी, गोडवानी ही है.


शराब घोटाले की जांच के दौरान वेतन के नाम पर किये गये इस भुगतान की जांच के दौरान ईडी ने ओम साईं बिवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अतुल कुमार सिंह से पूछताछ की. क्योंकि यह रकम ओम साईं के खाते से ट्रांसफर किया गया था.

 
पूछताछ के दौरान अतुल कुमार ने ईडी को यह जानकारी दी कि विजय भाटिया ने भुनेश्वर राव और रवि कावरा को कंपनी में 52.5% की हिस्सेदारी लेने के लिए निदेशक बनाया. बाद में रवि कावरा ने निदेशक के पद से त्यागपत्र दे दिया. इसके बाद विजय ने सागर अरोड़ा को निदेशक बनाया.  शराब के कारोबार में से 6.02 करोड़ रुपये विजय भाटिया को उसी के द्वारा बताये गये कर्मचारियों को वेतन के रूप में दिया गया था. वेतन के रूप में जिनके नाम पर भुगतान किया गया था, उसमें से तीन को तो भाटिया ने निदेशक बनाया था. बाकी कर्मचारी कागजी हैं.


कागजी कर्मचारियों को दिया गया वेतन(लाख में)

कर्मचारी का नाम वेतन
भजन लाल लखवानी 9.00
जुगल अनदानी 9.00
कमलेश लेखवानी 9.00
कविता अनदानी 9.00
मौर्या रामवानी 9.00
प्रवीण गोडवानी 9.00
सरस्वती रामवानी 9.00
श्रद्धा गोडवानी   9.00
सुशीला कुकरेजा 9.00
जागृति लेखवानी 40.80
महक लेखवानी 48.15
मयंक गोडवानी 7.35
मोहित अनदानी 36.00
रवि कुमार कावरा 13.12
सागर अरोड़ा 84.00
सरला केसवानी 40.80
श्रवण लेखवानी 48.15
सुदामा जसवानी 48.15
टी. भुनेश्वर राव 30.60
संतोष पिल्लई 14.50

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