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साहित्य इंसान को बदलने की सबसे बड़ी विधा : हरिवंश

 
Ranchi :  राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने शनिवार को कहा कि साहित्य इंसान को बदलने की सबसे बड़ी विधा है. कविताओं ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भुमिका निभायी है. कविताओं से प्रेरित होकर लोग आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया करते थे. उन्हीं कविताओं में से एक है- बटोहिया, जिसने लोगों काे काफी प्रभावित किया था. हरिवंश रांची प्रेस कलब में डॉ. रामधारी प्रसाद यादव की राष्ट्रीयता का काव्य नामक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. क्रांति के संदर्भ में उन्होंने भारत समेत विदेशी कवियों के बारे में अपने विचार रखे. यह भी कहा कि एक शिक्षक पीढ़ियों को गढ़ता है. हिंदी साहित्य के अनेक जानकार भोजपुरी भाषा से भी जुड़े रहे हैं. इसे भी पढ़ें- यूपीए">https://lagatar.in/mlas-showed-solidarity-in-upa-meeting-strategy-made-on-drought/">यूपीए

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क्या है डॉ. रामधारी प्रसाद यादव की पुस्तक में

डॉ. रामधारी प्रसाद यादव की राष्ट्रीयता का काव्य नामक पुस्तक उनका शोध प्रबंध है. यह शोध 1994 में किया गया था, जो 2022 में छप कर आया है. यह पुस्तक भोजपुरी भाषा के लोकगीतों व कविताओं पर आधारित है. आजादी के पूर्व के भारत के प्रति कवियों की जो चिंतन थी उसे इस पुस्तक में दर्शाया गया है. आजाद भारत और चीन की लड़ाई के बाद जो आम जनमानस में मायूसी थी, उस पर आधारित लोकगीत व कविताएं लिखी गई हैं. इसे भी पढ़ें- 1.30">https://lagatar.in/absconding-coal-businessman-jaidev-chatterjee-arrested-in-1-crore-30-lakh-cheating-case/">1.30

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