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Live - दिल्ली में किले में तब्दील, 30 हजार से अधिक फोर्स तैनात, रेल, मेट्रो, बाजार, इंटरनेट सब बंद

पीएम मोदी युवाओं व आम लोगों से डरते हैं : अभिजीत दिपके

अभिजीत दिपके

Lagatar Desk :  कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं और आम लोगों से डरते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान रेलवे सेवा और मेट्रो क्यों रोकी गईं, इंटरनेट बंद क्यों किया गया और सड़कों पर रोक क्यों लगाई गई. उन्होंने दिल्ली में सेना और CRPF की तैनाती पर भी सवाल उठाए. अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जा रहा है और पुलिस घरों तक जाकर लोगों को विरोध न करने की सलाह दे रही है.

 

सीजेपी फाउंडर ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 19 लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार देता है. ऐसे में लोग विरोध क्यों न करें? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को डर है कि लोग आगे उन्हें वोट नहीं देंगे और सत्ता बचाने के लिए प्रदर्शनकारियों को रोका जा रहा है. गिरफ्तारी के सवाल पर अभिजीत दिपके ने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार या हिरासत में लेना चाहती है, तो वह इसके लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि उन पर UAPA या NSA जैसे कानून भी लगाए जाएं, तब भी वे पीछे नहीं हटेंगे. उनका कहना है कि वे निष्पक्ष चुनाव और देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे. 

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Lagatar Desk

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आज (10 अक्टूबर) को जंतर-मंतर होने वाले विरोध-प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किये गये हैं. 30 हजार से अधिक फोर्स की तैनाती की गई है. इसके साथ ही 200 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. दिल्ली में बाजार, मेट्रो को बंद कर दिया गया है. इंटरनेट कुछ जगहों पर बंद है और पूरी दिल्ली में उसे स्लो कर दिया गया है. पुलिस के जवान अहले सुबह से ही अलर्ट हैं.

 

सीजेपी का कहना है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और जंतर-मंतर एक नामित विरोध-स्थल है. सीजेपी ने आज के प्रदर्शन को “जंतर-मंतर 2.0” बताया है. इससे पहले जुलाई में भी सीजेपी का लंबा प्रदर्शन जंतर-मंतर पर चला था, जो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ समाप्त हुआ था.

 

पुलिस की अनुमति नहीं

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है. जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (न्यू दिल्ली) नुपुर प्रसाद के अनुसार, सीजेपी ने 7 अक्टूबर को ही सूचना दी, जबकि नियमों के मुताबिक कम से कम 10 दिन पहले आवेदन जरूरी होता है. पुलिस ने पिछले प्रदर्शन (जुलाई) का भी हवाला दिया, जिसमें एक दिन की अनुमति के बावजूद लगभग एक महीने तक धरना चला, 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए और कई आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग शामिल हुए थे.

 

सुरक्षा और यातायात पर असर

  • पूरी दिल्ली छावनी में तब्दील हो चुका है.
  • करीब 25,000 से 45,000 पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात.
  • जंतर-मंतर, जनपथ और आसपास के 1.5 किलोमीटर क्षेत्र को अति संवेदनशील घोषित किया गया.
  • लगभग 250 ट्रेनें रद्द (नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से जुड़ी)।
  • दिल्ली मेट्रो के 45 से 57 स्टेशनों के प्रवेश-निकास द्वार शुक्रवार रात से शनिवार शाम तक बंद.
  • जनपथ-कर्तव्य पथ क्षेत्र के करीब 4 किलोमीटर दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित.
  • कनॉट प्लेस समेत कई बाजार बंद रखने की सलाह, शराब की दुकानें बंद, ट्रैफिक डायवर्जन और बॉर्डर पर सख्त चेकिंग.
  • कई हिरासत केंद्र तैयार किए गए हैं.

 

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अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं और कहा है कि प्रदर्शन किसी भी हाल में होगा. उन्होंने अनुच्छेद 19 का हवाला देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है. पार्टी का दावा है कि देशभर में हजारों समर्थकों को हिरासत में लिया गया है, फिर भी वे जंतर-मंतर पहुंचेंगे. कुछ छात्र संगठनों (जैसे AISA) और विपक्षी दलों के समर्थन की बात भी कही गई है.

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