- इंडिया गेट से शुरु होगा विपक्ष का मार्च.
- सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे विपक्षी दल.
- सीईसी ज्ञानेश कुमार का हटाने की मांग.
- विपक्ष के सांसद-विधायक दिल्ली पहुंचे.
Lagatar Desk
एसआईआर से वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा मनमाना फैसला लेने व उनके इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियां आज (12 अक्टूबर) को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करेगी. 11 अक्टूबर को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत से मिलने का वक्त मांगा. दिन में खबर आयी कि चीफ जस्टिस ने शाम के 4.00 से 5.00 बजे के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने का वक्त दिया है. लेकिन रात में खबर आयी कि चीफ जस्टिस नहीं मिलेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने ई-मेल के जरिये इसकी सूचना राहुल गांधी को दे दी है.
इस बीच रविवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई विशेष सुनवाई के बाद दिल्ली की सड़कों पर से बैरिकेडिंग हटा दिया गया है. इंटरनेट बहाल कर दिया गया है. ट्रेनों की सामान्य आवाजाही शुरु हो गई है. लोगों को आने-जाने से नहीं रोका जा रहा है, लेकिन दिल्ली पुलिस अलर्ट है. हर जगह फोर्स की तैनाती है. जंतर-मंतर पहुंचने के रास्ते पर अब भी बैरिकेडिंग है. यूट्यूबर, इंफ्लूएंशर और मीडिया कर्मियों को अब भी रोका-टोका जा रहा है. वहीं सरकार के समर्थन कर रहे युवाओं के मामले में पुलिस चुप दिखती है.

7 से 11 अक्टूबर के बीच दिल्ली में क्या-क्या हुआ.
आज के प्रदर्शन को लेकर जो घोषणा की गई है, उसके मुताबिक विपक्षी दलों के सांसद, विधायक व नेता-कार्यकर्ता इंडिया गेट पर जुटेंगे. वहां से सभी सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से शाम में मुलाकात करके उन्हें ज्ञापन सौंपा जायेगा. हालांकि चीफ जस्टिस ने मिलने का वक्त नहीं दिया है.
देशभर से सांसद-विधायक पहुंचे
इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन में देश भर के विपक्षी दलों के सांसद-विधायक भाग लेने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं. कई सांसद-विधायक अपने समर्थकों के साथ 11 अक्टूबर की शाम व रात में ही दिल्ली पहुंच चुके हैं. कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कहा है. शामिल नहीं होने पर उन्हें नोटिस देने की बात कही है.
कई विपक्षी पार्टी होंगे मार्च में शामिल
पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने सारे कार्यक्रम रद्द करके इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली में ही रूकने का फैसला लिया है. तेलंगना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पार्टी के नेताओं को दिल्ली पहुंचने का निर्देश दिया है. झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी समर्थकों व पार्टी पदाधिकारियों के साथ दिल्ली के लिए निकल चुके हैं.
माकपा के शीर्ष नेतृ्त्व ने भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला लिया है. एमए बेबी, बृंदा करात समेत अन्य नेता दिल्ली में मौजूद हैं. केरलम व त्रिपुरा से भी पार्टी के नेता दिल्ली पहुंच रहे हैं. सीपीआई एमएल के दीपांकर भट्टाचार्य व अन्य वामपंथी संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला लिया है.
इसके अलावा मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (उद्धव ठाकरे), झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी अपने नेताओं व कार्यकर्ताओं से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कहा है. आम आदमी पार्टी ने इंडिया गठबंधन की बैठकों से खुद को किनारे रखा है, लेकिन उनके नेताओं के प्रदर्शन में शामिल होने का अनुमान है.
सात अक्टूबर से दिल्ली में चल रहा प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई या इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दल करीब 15 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. सात व आठ अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च किया. विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बीच में ही रोक दिया गया.

11 अक्टूबर की रात राहुल गांधी ने जारी किया पोस्टर.
बोर्डर सील, किले में तब्दील दिल्ली
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 10 अगस्त को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान किया. सरकार ने दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया 23 हजार अर्द्धसैनिक बलों के साथ करीब 35 हजार पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी. दिल्ली को सील कर दिया. सीजेपी के संस्थापन अभिजीत दीपके समेत तमाम नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. विपक्षी दलों के नेताओं समेत पांच मुख्यमंत्री सड़क पर उतरें तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया.
11 अक्टूबर को भी कॉकरोच जनता पार्टी और वामपंथी पार्टियों का प्रदर्शन जारी रहा. हालांकि तगड़े पुलिस इंतजाम की वजह से अधिकांश प्रदर्शनकारी रास्ते में ही हिरासत में ले लिए गए. कुछ प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस तक जरूर पहुंचे, लेकिन कोई भी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच सका.