कई थाना क्षेत्रों में छिनतई की 17 घटनाओं को अंजाम देने वाले ओडिशा के 5 अपराधी अरेस्ट
इन लोगों ने सौंपा मांग पत्र
उनकी 5 सूत्री मांग इस प्रकार हैं - पंयायती राज वित आयोग की राशि शीघ्र पंचायत को देने, जिससे पंचायत का सर्वांगीन विकास हो सके. कार्य अवधि के दौरान किसी भी जन-प्रतिनिधि मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, प्रमुख एवं जिला परिषद की आकस्मिक मृत्यु या दुर्घटना होने पर उचित 30 लाख की मुआवजा की व्यवस्था की जाए, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण हो सके. मुखियागणों का मानदेय केरल राज्य के तर्ज पर 30,000 तीस हजार रूपया निर्धारित किया जाए। वर्तमान समय में सरकार द्वारा चल रहे मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास एवं अन्य सरकारी योजना के लिए पंचायत जन-प्रतिनिधियों एवं उनके परिवारजनों मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, जिला परिषद को शामिल किया जाए. ताकि शत-प्रतिशत योजना का लाभ जनता को मिल सके. जैसे कोई मुखिया या वार्ड सदस्य अत्यन्त गरीब एवं लाल कार्डधारी तथा रोजी-रोजगार के लिए कुली लेबर का कार्य कर रहे हैं, वैसे जन-प्रतिनिधि व उनके परिवार को योजना का लाभ अवश्य मिलना चाहिए. इस बाबत कार्यालय से आदेश के लिए एक पत्र निर्गत किया जाए. कहा कि झारखंड के सभी पंचायतों की मांग है कि बिना जांच किए वित्तीय शक्ति जब्त ना किया जाए, जिससे मुखिया पद का अपमान हो. झारखंड के जिस मुखियाओं का वित्तीय पावर जप्त किया गया है उन्हें पुनः वापस किया जाए. मांग पत्र सौंपने वालों में संरक्षक दिलीप कुमार उरांव, सचिव परमेश्वर महली, अनिल उरांव, सुमित उरांव, धनेश्वरी उरांव, कैली उरांव, सुमित उरांव, बसंत उरांव, सुनील उरांव, टेले उरांव, प्रदीप उरांव, भागवत खेरवार, सुमन उरांव, सुमित्रा उरांव, कमला देवी, ममता कुमारी, राजश्री उरांव सहित जिले के मुखिया शामिल थे. इसे भी पढ़ें - हिमंता">https://lagatar.in/himanta-biswa-sarmas-claim-champai-was-being-spied-on-delhi-police-said-nothing-suspicious-was-found/">हिमंताबिस्वा सरमा का दावा, चंपाई की जासूसी हो रही थी…दिल्ली पुलिस ने कहा, कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला [wpse_comments_template]
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