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लोहरदगा : मुखिया संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र

Lohardaga: झारखंड प्रदेश मुखिया संघ के निर्देशानुसार लोहरदगा जिला मुखिया संघ द्वारा जिलाध्यक्ष बासुदेव उरांव की अगुवाई में उपायुक्त डॉ वाघमारे प्रसाद कृष्ण व सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. कहा कि आपातकाल को छोड़कर योजना संबंधी कार्य नहीं होंगे और जब तक मांगे पूरी नहीं होती तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगा. बासुदेव उरांव ने कहा कि झारखंड प्रदेश मुखिया संघ की ओर से राज्य वित्त आयोग की राशि पंचायत को देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सरकार को 24 जुलाई व 29 जुलाई को मांग पत्र सौंपा गया था. साथ ही मुख्यमंत्री से मुलाकान व वार्ता के लिए 20 अगस्त का समय मांगा गया था. लेकिन कोई सुनवाई और सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण सभी मुखिया आक्रोशित हैं. विवश होकर सभी मुखिया अनिश्चितकालीन धरना पर जा रहे हैं. जिसकी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी. इसकी प्रतिलिपि अनुमण्डल पदाधिकारी को भी सौंपी गई है. इसे भी पढ़ें - रांची:">https://lagatar.in/ranchi-5-criminals-from-odisha-arrested-for-carrying-out-17-incidents-of-snatching-in-several-police-station-areas/">रांची:

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इन लोगों ने सौंपा मांग पत्र

उनकी 5 सूत्री मांग इस प्रकार हैं - पंयायती राज वित आयोग की राशि शीघ्र पंचायत को देने, जिससे पंचायत का सर्वांगीन विकास हो सके. कार्य अवधि के दौरान किसी भी जन-प्रतिनिधि मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, प्रमुख एवं जिला परिषद की आकस्मिक मृत्यु या दुर्घटना होने पर उचित 30 लाख की मुआवजा की व्यवस्था की जाए, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण हो सके. मुखियागणों का मानदेय केरल राज्य के तर्ज पर 30,000 तीस हजार रूपया निर्धारित किया जाए। वर्तमान समय में सरकार द्वारा चल रहे मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास एवं अन्य सरकारी योजना के लिए पंचायत जन-प्रतिनिधियों एवं उनके परिवारजनों मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, जिला परिषद को शामिल किया जाए. ताकि शत-प्रतिशत योजना का लाभ जनता को मिल सके. जैसे कोई मुखिया या वार्ड सदस्य अत्यन्त गरीब एवं लाल कार्डधारी तथा रोजी-रोजगार के लिए कुली लेबर का कार्य कर रहे हैं, वैसे जन-प्रतिनिधि व उनके परिवार को योजना का लाभ अवश्य मिलना चाहिए. इस बाबत कार्यालय से आदेश के लिए एक पत्र निर्गत किया जाए. कहा कि झारखंड के सभी पंचायतों की मांग है कि बिना जांच किए वित्तीय शक्ति जब्त ना किया जाए, जिससे मुखिया पद का अपमान हो. झारखंड के जिस मुखियाओं का वित्तीय पावर जप्त किया गया है उन्हें पुनः वापस किया जाए. मांग पत्र सौंपने वालों में संरक्षक दिलीप कुमार उरांव, सचिव परमेश्वर महली, अनिल उरांव, सुमित उरांव, धनेश्वरी उरांव, कैली उरांव, सुमित उरांव, बसंत उरांव, सुनील उरांव, टेले उरांव, प्रदीप उरांव, भागवत खेरवार, सुमन उरांव, सुमित्रा उरांव, कमला देवी, ममता कुमारी, राजश्री उरांव सहित जिले के मुखिया शामिल थे. इसे भी पढ़ें - हिमंता">https://lagatar.in/himanta-biswa-sarmas-claim-champai-was-being-spied-on-delhi-police-said-nothing-suspicious-was-found/">हिमंता

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