Lohardaga: लोहरदगा सदर प्रखंड के कुजरा गांव स्थित भगवती बीज ग्राम में बीज उत्पादन किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इसका आयोजन जिला कृषि कार्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र लोहरदगा के सहयोग से किया गया. कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डा हेमंत कुमार पांडेय ने कहा कि लोग अपनी भौगोलिक स्थिति और मौसम के अनुरूप खुद से ही बीज का उत्पादन करें. यही झारखंड सरकार का उद्देश्य है.
हेमंत ने कहा कि मौसम में विगत वर्ष में परिवर्तन देखने को मिल रहा है. बीज उत्पादन के लिए सरकार बीज ग्रामों का सुधार करने का प्रयास कर रही है. हमलोगों की भौगोलिक स्थिति में आईआर 64 डीआरटी और ललाट धान उपयुक्त है. उन्होंने किसानों से मडुवे की खेती के लिए आगे आने को कहा. मडुआ सुपर फूड है. मडुवे की खेती के लिए सरकार प्रोत्साहन दे रही है. कृषि वैज्ञानिक कौशिक ने कहा कि हाइब्रिड धान बीज से दोबारा बीज का उत्पादन संभव नहीं है.
कहा कि झारखंड के अनुरूप आईआर 64 डीआरटी अनुवांशिक रूप से परिवर्तन करके बनाया गया है. जो मौसम के परिवर्तन को झेल सकता है. खेती में पहले खेत की गहरी जुताई और बीजोपचार आवश्यक है. संस्था के सचिव लाल गोपाल नाथ शाहदेव ने भी बीज ग्राम के उद्देश्यों से किसानों को अवगत कराया. कार्यक्रम में आकाशी, कुजरा, निंगनी आदि गांवों के किसानों कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
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