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धनबाद में किताब खरीद के नाम पर मची है लूट

Niraj Kumar Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट. . . .धनबाद के प्राइवेट स्कूलों में यही हो रहा है. किताब-कापियों की लंबी लिस्ट और खरीद के लिए निर्धारित दुकानदारों की सांठगांठ से लाखों रुपये के वारे न्यारे हो रहे हैं. कट रही है अभिभावकों की जेब और भर रही है स्कूल प्रबंधन व दुकानदारों की तिजोरी. अखबारों के पन्ने के पन्ने रंगे जा रहे हैं, लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है. शिक्षा विभाग व प्रशासन खामोश है और जनप्रतिनिधियों ने चुप्पी साध रखी है. अभिभावकों की मजबूरी है चुप रहना. अखबारों में लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद भी जिला शिक्षा अधीक्षक सह आरटीई के नोडल पदाधिकारी भूतनाथ रजवार अभिभावकों से लिखित शिकायत की बाट जोह रहे हैं.

 मार्च में शुरू हो जाती है एकेडेमिक सेशन की तैयारी

दरअसल मार्च शुरू होते ही अभिभावक अप्रैल में शुरू होने वाले एकेडेमिक सेशन की तैयारी में लग जाते हैं. अधिकतर स्कूलों  द्वारा अघोषित रूप से चिन्हित दुकानों के नाम अभिभावकों को उपलब्ध करा दिए गए हैं. कुछ स्कूलों  द्वारा दिखावे के लिए बुकलिस्ट जारी की गई, लेकिन स्कूल-किताब दुकान और प्रकाशकों की सांठ-गांठ ऐसी है कि किताबों की सप्लाई चिन्हित दुकानों में ही की जा रही है. खास स्कूल की किताबें खास दुकानों में ही मिल रही हैं. कार्मेल स्कूल धनबाद की किताबें लेने के लिए सिटी सेंटर स्थित ज्ञान सागर नामक दुकान में अभिभावकों की भीड़ उमड़ रही है. डिनोबिली स्कूल भूली की किताबें स्कूल कैंपस में बेची जा रही हैं. ऐसी ही स्थिति कमोबेश डीएवी से लेकर धनबाद पब्लिक स्कूल और डीपीएस समेत सभी स्कूलों की है.

 कॉपी व जिल्द नहीं तो किताब भी नहीं

बता दें कि डिनोबिली सीएमआरआई के एलकेजी के किताबों का मूल्य 1441 रुपये है, जबकि कॉपियों का मूल्य 457 रुपये रखा गया है. एक अन्य स्कूल में पहली कक्षा की किताबों का मूल्य 830 रुपये रखा गया है, जबकि किताब दुकान संचालकों द्वारा 481 रुपये मूल्य के जिल्द और लगभग इतनी ही मूल्य की कॉपियों की खरीदारी को भी अनिवार्य किया गया है. जिल्द और कॉपी नहीं खरीदने पर किताबें भी नहीं दी जा रही हैं.

    आधा महीना गुजरने पर जागा अभिभावक महासंघ

दूसरी ओर मार्च महीने के 15 दिन बाद झारखंड अभिभावक महासंघ की नींद खुली है. संघ ने अपनी बैठक में आंदोलन की रणनीति बनाई है. बैठक में जिला शुल्क कमेटी गठन करने, ड्रेस, किताब-कॉपी एवं स्टेशनरी आइटम विद्यालय द्वारा चिन्हित दुकानों से खरीदारी पर रोक लगाए जाने को लेकर 18 मार्च को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया. हालांकि इससे पहले संघ के पदाधिकारी ट्वीटर व सोशल मीडिया के जरिये विभाग से सरकार तक शिकायत कर  चुके हैं. बैठक में संघ के जिलाध्यक्ष पप्पू सिंह, प्रदेश महासचिव मनोज मिश्रा, उपाध्यक्ष मुकेश पांडेय, कुमार मधुरेन्द्र, प्रेम ठाकुर, टिंकू सरकार, कमलेश मिश्रा, सुनील पांडेय, उत्तम महतो समेत अन्य उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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