alt="" width="600" height="375" /> नदियों में भूस्खनन का खतरा बता दें कि अवैध खनन के कारण कई नदियों में भूस्खलन का खतरा भी मंडराने लगा है. लेकिन विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है. कई मजदूरों की जिंदगी भी दांव पर लगी है. किसी भी दिन हादसा हो सकता है. बालू खनन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जा रही पहल पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. चूंकि खनन जेसीबी मशीन से किया जाता है, जमीन के अंदर से बालू निकाला जा रहा है. इसे भी पढ़ें- जमीन">https://lagatar.in/in-the-joy-of-returning-the-land-the-agitators-of-the-netarhat-field-firing-range-took-out-a-victory-procession/">जमीन
वापसी की खुशी में नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के आंदोलनकारियों ने निकाला विजय जुलूस एनजीटी ने लगायी है रोक नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से बालू उठाव पर रोक लगी हुई है. यहां तक की एनजीटी ने जो निर्देश दिया है, उन निर्देशों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है. एनजीटी की रोक के बावजूद बालू का खनन बदस्तूर जारी है. वहीं एनजीटी के नियमों को पालन कराने में भी जिला प्रशासन विफल साबित हो रहा है. हरला थाना क्षेत्र बना माफियाओं के लिए सेफ जोन हरला थाना क्षेत्र बालू माफियाओं के लिए सेफ जोन के रूप में इस्तेमाल हो रहा है. बालू माफियाओं की गाड़ियां हरला थाना क्षेत्र होते बोकारो पहुंचती है. लेकिन हरला पुलिस की नजरें बालू लदे गाड़ियों पर नहीं पड़ती, जिसके कारण हरला पुलिस पर भी अब सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं. थाना प्रभारी गजेंद्र पांडे ने कहा कि बालू माफियाओं के खिलाफ तेजी से काम हो रहा है और उनकी गाड़ियों की धरपकड़ के प्रयास जारी है. बोकारो में है 38 बालू घाट जिला में 2015-16 तथा 2017-18 में 38 बालू घाटों की नीलामी हुई थी. इनमें से 35 घाटों की अवधि जुलाई 2019 में समाप्त हो गई थी, जबकि 3 घाट का समय नवंबर 2019 में समाप्त हो गया है. यानी बोकारो में फिलहाल एक भी बालू घाट चलाने की अनुमति नहीं है. जिला प्रशासन ने बालू घाट के स्टॉक के लिए दो सेंटरों को चिन्हित किया था, जिसमें बेरमो अनुमंडल के खेतको तथा चास अनुमंडल के चंदनकियारी शामिल है. बता दें कि खेतको का बालू स्टॉक पहले ही समाप्त हो गया था, जबकि चंदनकियारी का स्टाक भी लगभग समाप्त हो चुका है. ऐसे में बालू कहां से बोकारो आता है. यह पता भले किसी को नहीं है लेकिन सच्चाई है कि दामोदर नदी समेत कई घाटों से अवैध रूप से बालू का उठाव बदस्तूर जारी है. फोन नहीं उठाते हैं खनन पदाधिकारी बोकारो के जिला खनन पदाधिकारी रवि सिंह फोन नहीं उठाते हैं. उनके मोबाइल फोन संख्या 9122409404 एवं 8797773041 पर हमारे बोकारो ब्यूरो ने उनका पक्ष जानने के लिए फोन भी किया,लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. उनका पक्ष आते ही हम उनकी बातों को भी प्रमुखता से लगायेंगे. बता दें कि बालू खनन से जुड़े गाड़ियों को देखकर यदि कोई सूत्र उन्हें सूचना देना चाहे तो वे फोन नहीं उठाते, यह शिकायत भी आती रहती है. इसे भी पढ़ें- हाथी-">https://lagatar.in/elephant-horse-palanquin-jai-kanhaiya-lals/">हाथी-
घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की, चहुंओर हरे रामा-हरे कृष्णा की गूंज… [wpse_comments_template]

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