आठ राज्यों-UT की 58 सीटों पर आज थमेगा प्रचार
58 सीटों पर 900 उम्मीदवार चुनावी मैदान में
Patna : लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण में 25 मई को आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 58 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा. इसमें बिहार की आठ लोकसभा सीट (वाल्मीकि नगर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, वैशाली, शिवहर और महाराजगंज) भी शामिल है. बिहार समेत आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आज शाम छह बजे चुनाव प्रचार का शोर थम जायेगा. बिहार में छठे चरण में कुल 86 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इसमें 8 पुरुष और आठ महिला प्रत्याशी हैं. 86 में से 35 प्रत्याशी निर्दलीय हैं. जबकि 23 प्रत्याशी बड़ी पार्टियों से चुनाव मैदान में हैं. वैशाली में सबसे अधिक 15 और महाराजगंज में सबसे कम पांच प्रत्याशी मैदान में हैं.
58 सीटों पर 900 उम्मीदवार आजमा रहे अपनी किस्मत
बता दें कि हरियाणा के 10 लोकसभा सीटों पर सबसे अधिक 239 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. वहीं झारखंड की चार सीटों पर 96, बिहार की आठ सीटों पर 86, दिल्ली की सात सीटों पर 166, ओडिशा की छह सीटों पर 65, उत्तर प्रदेश की 14 सीटों पर 164, पश्चिम बंगाल की 8 सीटों पर 81 और जम्मू कश्मीर में एक सीट पर तीन उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस तरह छठे चरण में 58 सीटों के लिए कुल 900 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं.
1,49,32,165 मतदाता करेंगे 86 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला
छठे चरण में बिहार की आठ सीटों पर 1,49,32,165 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इनमें 78,23,793 पुरुष, 71,07,944 महिला और 428 थर्ड जेंडर मतदाता हैं. पहली बार वोटिंग करने वाले 18 से 19 वर्ष के मतदाताओं की संख्या 2,12,496 है. वहीं 20 से 29 वर्ष के मतदाताओं की संख्या 31,49,316 है. 100 साल से ऊपर के 3014 मतदाता हैं. जबकि 85 वर्ष से ऊपर के 1,04,873 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 1,42,568 है. चुनाव आयोग ने छठे चरण के मदतान के लिए कुल 14872 मतदान केंद्र बनाये हैं. इसमें 13591 ग्रामीण क्षेत्र में जबकि 1281 शहरी क्षेत्र में हैं. चुनाव आयोग ने 7660 मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये हैं. पटना स्थित निर्वाचन आयोग के कार्यालय से इन मतदान केंद्रों की मॉनिटरिंग की जायेगी. इन सभी मतदान केंद्रों के लिए 17846 ईवीएम और 19334 वीवीपैट का उपयोग किया जायेगा.
सीवान में त्रिकोणीय मुकाबला, महाराजगंज-वैशाली में जाति आधारित वोटिंग
बता दें कि बिहार की आठ सीटों पर कहीं से दबंग तो कहीं से बाहुबली की पत्नी चुनाव लड़ रही हैं. सीवान में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला है. एक तरफ जहां जदयू ने बाहुबली की पत्नी विजय लक्ष्मी को उम्मीदवार बनाया है. वहीं दूसरी ओर राजद से अवध बिहारी चौधरी उम्मीदवार हैं. वहीं मो. शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब निर्दलीय चुनावी मैदान में ताल ठोक रही है. महाराजगंज और वैशाली राजपूतों और भूमिहारों के बीच सियासी जंग देखने को मिलेगा. महाराजगंज में भाजपा से जनार्दन सिंह सिग्रीवाल (राजपूत) लगातार तीसरी बार चुनाव मैदान में उतरे हैं. वहीं कांग्रेस ने पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश सिंह की बेटे आकाश सिंह (भूमिहार) को उम्मीदवार बनाया है. वैशाली की बात करें तो राजद ने बाहुबली मुन्ना शुक्ला (भूमिहार) को उम्मीदवार बनाया है. वहीं लोजपा (रामविलास) के टिकट पर वीणा देवी (राजपूत) अपनी किस्मत आजमा रही हैं. दोनों सीटों पर जातियों के आधार पर वोटरों का दो भागों में बंटना मुकाबले को रोचक बनायेगा.
खोई हुई सियासी जमीन मजबूत करने की कोशिश में आनंद मोहन
शिवहर लोकसभा सीट से बाहुबली नेता आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद चुनावी मैदान में है. आनंद मोहन अपनी खोई हुई सियासी जमीन मजबूत करने की कोशिश करेंगे. आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद भी इसी इलाके से विधायक हैं. ऐसे में लवली आनंद को जीत दिलाने के लिए आनंद और चेतन ऐडी चोटी एक कर देंगे. वहीं लवली आनंद का मुकाबला राजद की रितु जायसवाल से होगा. पश्चिम चंपारण में भाजपा के संजय जायसवाल प्रतिष्ठा की लड़ाई लड़ रहे हैं. उनका मुकाबला कांग्रेस के मदन मोहन तिवारी हैं, जो ब्राह्मण जाति से आते हैं. ऐसे में संजय जायसवाल को जातीय चक्रव्यूह का सामना करना पड़ेगा. यादव और मुस्लिम वोट भी मदन मोहन तिवारी के पक्ष में जा सकता है.
2009 से चुनाव जीतते आ रहे हैं राधा मोहन का मुकाबला राजेश से
पूर्वी चंपारण यानी मोतिहारी की बात करें तो भाजपा के राधा मोहन सिंह का मुकाबला महागठबंधन से वीआईपी के राजेश कुमार से है. राधा मोहन सिंह 2009 से ही जीत रहे हैं. अगर राधा मोहन एक बार फिर मुकाबला जीतते हैं तो वह सातवीं बार लोकसभा चुनाव जीतने का रिकॉड बनायेंगे. गोपालगंज में जदयू के निवर्तमान सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन और वीआईपी के चंचल पासवान के बीच सीधा मुकाबला है.
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