Dhanbad : जिले के झरिया थाना क्षेत्र में एलपीजी गैस की किल्लत से आम लोग परेशान हैं. लगातार तीन से चार दिनों से गैस सिलेंडर नहीं मिलने पर मंगलवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. सैकड़ों की संख्या में उपभोक्ता बस्ताकोला रेस्क्यू के पास धनबाद–सिंदरी मुख्य मार्ग पर उतर आए और सड़क जाम कर प्रशासन व गैस एजेंसी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.
दूसरी तरफ बस्ताकोला स्थित इंडियन गैस एजेंसी के बाहर सुबह से ही लोग खाली सिलेंडर लेकर जुटने लगे थे. लोगों का आरोप है कि वे पिछले कई दिनों से एजेंसी का चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन हर बार उन्हें सप्लाई नहीं आई कहकर लौटा दिया जाता है.

डियन गैस एजेंसी के बाहर लगी है लंबी लाइन
कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने 4–5 दिन पहले ही गैस की बुकिंग और भुगतान कर दिया था. बावजूद इसके उन्हें सिलेंडर नहीं मिला. उपभोक्ताओं ने चौधरी गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां अव्यवस्था चरम पर है और काला बाजारी की भी आशंका है.
उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी होती थी. लेकिन अब उन्हें खुद लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है. लाइन में खड़े होने के बावजूद गैस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है.

नाराज उपभोक्ताओं को समझाने की कोशिश करते पुलिस अधिकारी
मंगलवार को स्थिति तब बिगड़ गई, जब करीब 11 बजे तक एजेंसी नहीं खुली. इससे आक्रोशित लोगों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया. सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा.
सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया. पुलिस ने आश्वासन दिया कि एजेंसी संचालकों से बात कर जल्द ही गैस की आपूर्ति बहाल कराई जाएगी. इसके बाद लोग शांत हुए और सड़क खाली की.

एजेंसी के बाहर सुबह से लाइन में लगे लोग, भूख-प्यास से बेहाल
हालांकि प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो वे और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे. लोगों का कहना है कि घरेलू उपयोग की सबसे जरूरी चीज गैस है और इसकी कमी से रोजमर्रा का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है.
वहीं कुछ लोगों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव खासतौर पर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी का असर ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर भी संकट गहराता जा रहा है.

घंटों खड़े होकर थकने के बाद सिलेंडर पर बैठकर आराम करते लोग
हालांकि प्रशासन या गैस एजेंसी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. फिलहाल लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और गैस आपूर्ति व्यवस्था के जल्द सामान्य होने पर टिकी हैं.
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