Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

मैडम क्या फिगर है, महिला सहकर्मी पर कमेंट करना पड़ा भारी, कोर्ट ने जमानत नहीं दी, कहा, यह सेक्शुअल हैरेसमेंट का मामला

Mumbai : ऑफिस में एक महिला सहकर्मी के फिगर पर कमेंट करना रियल स्टेट कंपनी के दो अधिकारियों को भारी पड़ा. उन्हें मुंबई के सेशन कोर्ट ने जमानत नहीं दी. दोनों पर ऑफिस में एक महिला सहकर्मी के फिगर पर कमेंट करने का आरोप लगा था. कोर्ट ने यह कहते हुए जमानत नहीं दी कि ऑफिस में किसी महिला कलीग से यह कहना कि उसका फिगर अच्छा है और उसने खुद को अच्छे से मेंटेन कर रखा है, सेक्शुअल हैरेसमेंट की कैटेगरी में आता है.                          ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

 नेशनल खबरों के लिए यहां क्लिक करें 

आरोपियों को हिरासत में रख कर पूछताछ जरूरी है

सेशन कोर्ट के जज खान ने पिछले सप्ताह इस मामले में दो आदेश जारी किये थे. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस केस में कई पहलू हैं. इस कारण आरोपियों को हिरासत में रख कर पूछताछ जरूरी है. कहा गया कि अगर इन्वेस्टिगेटिंग अफसर ऐसा नहीं करते हैं तो उनसे पूछताछ का अधिकार छीन लिया जायेगा. सेशन कोर्ट ने केस को गंभीर मानते हुए कहा कि आरोपियों को अग्रिम जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता.

महिला रियल इस्टेट कंपनी में फ्रंट ऑफिस एक्जीक्यूटिव के पद पर  है

खबरों के अनुसार भुक्तभोगी महिला रियल इस्टेट कंपनी में फ्रंट ऑफिस एक्जीक्यूटिव के पद पर काम करती है. आरोप है कि ऑफिस के 42 वर्षीय असिस्टेंट मैनेजर और 30 साल के सेल्स मैनेजर काफी समय से उसे परेशान कर रहे थे. शिकायत के अनुसार 1 मार्च से 14 अप्रैल के बीच आरोपियों ने महिला का यौन उत्पीड़न किया. वे उससे कहते थे कि मैडम, आपने खुद को बहुत मेंटेन रखा है. आपका फिगर बहुत अच्छा है... क्या मैम, मेरे साथ बाहर जाने के बारे में कुछ सोचा कि नहीं? इसके बाद पीड़िता ने ऑफिस में इसकी शिकायत की.. बाद में मामला पुलिस के पास पहुंच गया.

आरोपियों ने 2 मई को जमानत याचिका दायर की थी

जानकारी के अनुसार पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 354, यौन उत्पीड़न के लिए 354ए, पीछा करने के लिए 354डी और गलत शब्द या इशारे के लिए 509 के तहत मामला दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया. बाद में आरोपियों ने 2 मई को जमानत याचिका दायर की थी.. उन्होंने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें झूठा फंसाया गया है. लेकिन अभियोजन पक्ष ने उनकी दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि उनसे हिरासत में पूछताछ करने की जरूरत है. इसके बाद कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही