Search

मध्य प्रदेश : राज्यसभा उम्मीदवार नटराजन का नामांकन रद्द, कांग्रेस ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया

मीनाक्षी नटराजन

Bhopal : मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है. 18 जून को राज्यसभा का चुनाव होना है, लेकिन चुनाव से पहले ही पार्टी के उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने से कांग्रेस सकते में है. कांग्रेस ने इसे सीट चोरी करार दिया है. 

 


नामांकन रद्द होते ही कांग्रेस नेता जयराम रमेश, भूपेश बघेल, सचिन पायलट और केसी वेणुगोपाल समेत कई पार्टी नेता नयी दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई. इससे पूर्व केसी वेणुगोपाल ने नामांकन रद्द होने को अलोकतांत्रिक बताते हुए पत्रकारों से कहा, लोकतंत्र की हत्या हो गयी है.

 


भाजपा ने मीनाक्षी के खिलाफ तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को उतारा था. मामला यह है कि भाजपा की ओर से  कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री राकेश सिंह ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति दर्ज करवाई थी.

 


भाजपा ने आरोप लगाया था कि नटराजन ने तेलंगाना में दर्ज एक केस की जानकारी अपने नामांकन में नहीं दी थी. इसीलिए उनका नामांकन रद्द किया जाना चाहिए. खबर है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने जांच पड़ताल के बाद उनका नामांकन रद्द कर दिया.

 


रिटर्निंग ऑफिसर ने भाजपा की आपत्ति पर मीनाक्षी नटराजन को अपना पक्ष रखने के लिए मंगलवार शाम 6 बजे तक का समय दिया था. लेकिन मीनाक्षी के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होने पर रिटर्निंग ऑफिसर ने  उनका नामांकन रद्द कर दिया.

 

 
रिटर्निंग ऑफिसर के निर्णय से राज्य की राजनीति में हलचल मच गयी है. कांग्रेस की नींद उड़ गयी है. राज्यसभा चुनाव का  समीकरण बदलने के कारण  भाजपा के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट की जीत लगभग पक्की हो गयी है.

 


मीनाक्षी का नामांकन रद्द होने की खबर आने के बाद भाजपा उम्मीदवार महेश केवट ने कहा कि सत्य की जीत हुई है.  कांग्रेस इस फैसले से आग बबूला है.  कांग्रेस के  नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के निर्णय को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला करार दिया है.  कहा कि राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की गयी है. राज्यसभा चुनाव में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है.

 


राज्यसभा चुनाव में तीसरी सीट पर भाजपा की ओर से महेश केवट को उतारे जाने के बाद कांग्रेस ने अपने विधायकों को कर्नाटक शिफ्ट कर दिया था. कांग्रेस ने भाजपा के ऑपरेशन लोटस के डर से  विधायकों को कर्नाटक भेज दिया था, ताकि भाजपा किसी तरह की खरीद फरोख्त न कर पाये और  पार्टी उम्मीदवर मीनाक्षी नटराजन की जीत सुनिश्चित हो जाय़े.

 

 

कांग्रेस विधायकों को भोपाल एयरपोर्ट से विशेष विमान के जरिए कांग्रेस शासित राज्य कर्नाटक ले जाया गया था. लेकिन कांग्रेस की रणनीति धरी की धरी रह गयी. मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया. 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//