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यूपी के जेलों में माफियाओं को VIP सुविधा देना पड़ा महंगा, 3 जेलों के सुपरिटेंडेंट सस्पेंड

Lucknow : उत्तर प्रदेश में जेल में बंद माफियाओं को वीआईपी सुविधा मुहैया कराने और शिकंजा नहीं कसने के मामले में जेल अधीक्षकों पर गाज गिरी है. इस मामले में यूपी के बरेली, नैनी और बांदा के वरिष्ठ जेल अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने अशरफ अहमद, अतीक के बेटे अली अहमद और मुख्तार अंसारी पर शिंकजा कसने में लापरवाही बरती थी. बरेली जेल के अधीक्षक राजीव शुक्ला, नैनी के वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह और बांदा के अविनाश गौतम को सस्पेंड किया गया है. इसे भी पढ़ें :  गंगटोक">https://lagatar.in/avalanche-in-gangtok-6-people-killed-more-than-150-feared-trapped/">गंगटोक

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अशरफ को जेल में मिल रही थीं वीआईपी सुविधाएं

बरेली जेल में बंद अशरफ अहमद को वीआईपी सुविधा मुहैया कराने का आरोप बरेली जेल के अधीक्षक राजीव शुक्ला पर लगा. इसकी जांच का जिम्मा डीआईजी आरएन पांडेय को दी गई. आरएन पांडेय ने एक रिपोर्ट दाखिल की थी. उसी के आधार पर जेल अधीक्षकों पर गाज गिरी है. बरेली में अब तक आधा दर्जन से ज्यादा जेल कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है. इसके बाद अब गाज सीधे जेल अधीक्षक पर गिरी है.

बरेली जेल के पांच अधिकारियों पर गिर चुकी है गाज

उमेश पाल हत्याकांड के बाद से पुलिस प्रशासन सर्तक है. जेलों में बंद माफियाओं पर नजर रखी जा रही है. उन्हें दी जाने वाली वीआईपी सुविधाओं की भी जांच की जा रही है. सिर्फ बरेली की बात करें तो उमेश पाल हत्याकांड के बाद से अब तक पांच जेल अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें डिप्टी जेलर दुर्गेश प्रताप सिंह समेत पांच अधिकारियों को पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका है. इस मामले में बरेली जेल के सिपाही मनोज कुमार गौड़, शिव हरी अवस्थी को गिरफ्तार किया था. दोनों पर आरोप है कि यह एक ही पहचान पत्र पर फर्जी तरीके से मुलाकात कराते थे. इसे भी पढ़ें : चान्हो">https://lagatar.in/illegal-endowment-of-35-acres-of-land-in-chanho-co-accused-of-disturbances/">चान्हो

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