Dhar : मध्यप्रदेश की धार स्थित भोजशाला में आज शुक्रवार को नमाज अदा नहीं की गयी. बता दें कि पिछले दिनों मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को मंदिर करार देते हुए यहां नमाज पर रोक लगा दी है. आज शुक्रवार दोपहर भोजशाला में महाआरती का आयोजन किया गया.
#WATCH | Dhar, Madhya Pradesh | Devotees offer prayers to Goddess Saraswati and play the conch shell following the Madhya Pradesh High Court order, which banned Friday namaz at the Bhojshala complex. pic.twitter.com/23feA7wS8s
भोज उत्सव समिति की ओर से भोजशाला परिसर में वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजन और दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया. भोजशाला परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे. प्रशासन ने धार शहर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में लगभग 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी.
भोजशाला में पूजा के दौरान दोपहर में उत्सव जैसा नजारा दिखा, महिलाओं ने भजन कीर्तन किये और नृत्य भी किया, बता दें कि भोजशाला में सूर्यास्त तक दर्शन करने की व्यवस्था की गयी है. आज भोजशाला के लिए संघर्ष करने वाले लोगों और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया.
खबर है कि आज भोजशाला मामले में उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. मुस्लिम पक्ष द्वारा विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर किये जाने की अपील की है.
कमाल मौला मस्जिद के सदर अब्दुल समद ने आज शुक्रवार को बयान जारी बयान में कहा कि हाई कोर्ट के फैसले से मुस्लिम समाज में मायूसी है. बताया कि फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दी गयी है.
अब्दुल समद ने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मेंशन करेंगे. हाईकोर्ट फैसले के खिलाफ स्थगन आदेश की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि कमाल मौला मस्जिद में लगभग 700 वर्षों से जुमे की नमाज अदा की जाती रही है.
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज अपनी लड़ाई संवैधानिक और कानूनी दायरे में रहकर लड़ेगा. उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है. अब्दुल समद ने लोगों से अपने मोहल्लों और स्थानीय मस्जिदों में शांतिपूर्वक इबादत करने तथा कमाल मौला मस्जिद के लिए दुआ करने का आग्रह किया हैं.
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