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महाकुंभ : नागा साधुओं ने आदियोगी शिव के स्वरूप में 21 शृंगार के साथ अमृत स्नान किया, 3.50 करोड़ श्र‌द्धालुओं ने डुबकी लगाई

किन्नर अखाड़े के सदस्य हर हर महादेव का नारे लगाते हुए संगम की ओर बढ़े. पूरा आसमान गुंजायमान हो गया.छत्र के नीचे आचार्य महामंडलेश्वर चल रहे थे प्रयागराज : मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आज मंगलवार को त्रिवेणी संगम के तट पर महाकुंभ का पहला अमृत स्नान पुष्य और पुनर्वसु नक्षत्र में आरंभ हुआ. प्रथम पूज्य भगवान गणेश का पूजन करने के बाद नागा साधुओं ने आदियोगी शिव के स्वरूप में खुद को सजाया. शरीर पर भस्म लगायी. चंदन लगाया. पांव में चांदी के कड़े पहने. पंचकेश(जटा को पांच बार घुमाकर सिर में लपेटा) किया. इस क्रम में रोली का लेप, अंगूठी, फूलों की माला, हाथों में चिमटा, डमरू, कमंडल, माथे पर तिलक, आंखों में सूरमा, लंगोट, हाथों व पैरों में कड़ा और गले में रुद्राक्ष की माला धारण करने के बाद नागा साधुओं ने अमृत स्नान के लिए प्रस्थान किया.

योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के अमृत स्नान पर्व  पर श्रद्धालुओं को बधाई दी

यूपी के सीएम  योगी  आदित्यनाथ ने आज एक्स पर पोस्ट किया...आस्था, समता और एकता के महासमागम महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में पावन मकर संक्रांति  के शुभ अवसर पर पवित्र संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगाने वाले सभी पूज्य संतगणों, कल्पवासियों व श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन! प्रथम अमृत स्नान पर्व पर आज 3.50 करोड़ से अधिक पूज्य संतों/श्र‌द्धालुओं ने अविरल-निर्मल त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ अर्जित किया. लिखा कि प्रथम अमृत स्नान पर्व के सकुशल संपन्न होने पर सनातन धर्म के आधार सभी पूज्य अखाड़ों, महाकुम्भ मेला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन, स्वच्छताकर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों एवं धार्मिक संस्थाओं, नाविकों तथा महाकुम्भ से जुड़े केंद्र व प्रदेश सरकार के सभी विभागों को हृदय से साधुवाद तथा प्रदेश वासियों को बधाई! पुण्य फले, महाकुम्भ चलें. नख से शिख तक भभूत लगाये, होठों पर सांब सदाशिव का नाम, दिगंबर, हाथ में डमरू, त्रिशूल और कमंडल के साथ अवधूत की धुन में झूमते हुए नागा त्रिवेणी के तट पर पहुंचे. साधुओं ने महादेव को प्रसन्न करने के लिए 21 शृंगार के साथ अमृत स्नान की पहली डुबकी लगाई.

21 शृंगार दिखावा नहीं है, नागा साधु इसे गहराईयों तक महसूस करते हैं

महाकुंभ के पहले अमृत स्नान में इष्ट महादेव की तरह ही नागा साधुओं का शृंगार देश-विदेश के श्रद्धालुओं को अभिभूत कर गया. महानिर्वाणी अखाड़े के शंकरपुरी महाराज ने 21 शृंगार को लेकर कहा, सनातन धर्म में सुहागिनें 16 शृंगार करती हैं, लेकिन नागा साधु अमृत स्नान के लिए 21 शृंगार करते हैं. इसमें शरीर के साथ ही मन और वचन का भी शृंगार शामिल है. सर्वमंगल की कामना भी होती है. 21 शृंगार दिखावा नहीं है। नागा साधु इसे गहराईयों तक महसूस करते हैं.

किन्नर अखाड़े ने किया संगम में अमृत स्नान

मकर संक्रांति के पहले अमृत स्नान के पावन अवसर पर किन्नर अखाड़े ने आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में किन्नर अखाड़े के सभी सदस्यों ने दोपहर में संगम नोज पहुंचकर अमृत स्नान किया. किन्नर अखाड़े ने समाज के कल्याण और उन्नति की कामना की, किन्नर अखाड़े के सदस्य हर हर महादेव का नारे लगाते हुए संगम की ओर बढ़े. पूरा आसमान गुंजायमान हो गया.छत्र के नीचे आचार्य महामंडलेश्वर चल रहे थे और उनके साथ अखाड़े के अन्य महामंडलेश्वर थे. किन्नर अखाड़े के साधु पारंपरिक शस्त्रों का प्रदर्शन करते हुए तलवारें लहराते हुए जयघोष के साथ आगे बढे. किन्नर अखाड़े की सदस्य राम्या नारायण गिरी ने बताया कि अमृत स्नान कर सभी ने भारतवासियों की सुख-समृद्धि और देश के कल्याण की कामना की. हर खबर के लिए हमें फॉलो करें Whatsapp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaAT9Km9RZAcTkCtgN3q">https://whatsapp.com/channel/0029VaAT9Km9RZAcTkCtgN3q">https://whatsapp.com/channel/0029VaAT9Km9RZAcTkCtgN3q

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