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महाराजा मदरा मुंडा के ऐतिहासिक स्थल में हुआ मुंडाओं का महाजुटान

Ranchi : जिले के पिठौरिया स्थित सुतियांबे गढ़ में रविवार को मुंडा जनजाति का महाजुटान हुआ. जहां झारखंड के अलावा अन्य राज्यों से भी मुंडा जनजाति के लोग पहुंचे थे. यह महाजुटान आदिवासी सुतियांबे धरोहर बचाव और मुंडा जनजाति को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से किया गया. इसमें, झारखंड उड़िसा, मध्य प्रदेश,असम के आदिवासी पहुंचे थे. इसे भी पढ़ें - पीएम">https://lagatar.in/pm-modi-inaugurated-the-aero-india-show-in-bengaluru-said-new-india-of-21st-century-will-not-lose-any-chance/">पीएम

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101 पाहनों द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत की गई

सभी लोगों ने महाराजा मदरा मुंडा के समाधि स्थल कोमपाट में पूजा- अर्चना की. जिसके बाद पवित्र स्थल आदिशक्ति ईस्ट देवता का प्रार्थना किया. स्थानीय पाहन अरविंद पाहन और खूटकटी मुंडा धर्म सभा के कार्यकारणी अध्यक्ष मनीष मुंडा, देवेंद्र पाहन, शैलेंद्र पाहन,बसंत पाहन, दुर्गावती ओड़िया के नेतृत्व में 101 पाहनों द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत की गई. खूटकटी मुंडा धर्म सभा के सचिव बसंत पाहन ने कहा कि समाज को शराब से दूर होना होगा. शराब के कारण युवा वर्ग अपने लक्ष्य से हट रहे हैं.

रांची शहर का नाम  रिंची मुंडा के नाम पर रखा गया है

टीएसी के सदस्य जमल मुंडा ने संबोधित करते हुए कहा कि रांची शहर का नाम रिंची मुंडा के नाम पर रखा गयाथा. दुर्भाग्य है राज्य के सरकारी दफ्तरों से रिंची मु़डा का नाम गायब हो गया है. मदरा मुंडा राष्ट्रीय ऐतिहासिक धरोहर पर अतिक्रमण किया जा रहा हैं. इस धरोहर को बचाने के लिए आदिवासियों को एकजुट होना होगा.

मुंडा जनजाति एक योद्धा जनजाति के रूप में जाना जाता है

असम के पूर्व पर्यटन मंत्री एतवा मुंडा ने कहा कि मुंडा जनजाति एक योद्धा जनजाति के रूप में जाना जाता है. असम में आदिवासियों का पहचान नहीं है. इसे पहचान दिलाने के मुंडारी भाषा सिखने के लिए झारखंड आना होता है. सरना संगोग खूंटी के अध्यक्ष दुर्गावती ओड़िया ने कहा कि सुतियांबै गढ़ में हजारों एकड़ जमीन धरोहर के नाम से है. सीएनटी एक्ट कानून होते हुए भी महाराजा मदरा मुंडा के इंजोरिया अंधेरिया तालाब को मिटाने का प्रयास किया जा रहा हैं. खूटकटी मुंडा धर्म सभा के अध्यक्ष शैलेंद्र पाहन ने कहा कि आधुनिक जमाना में रुढ़िवादी प्रथा को बचाने की जरूरत है. हमारे खूटकटी और मानकी मुंडा व्यवस्था को बचाना होगा. कार्यकारणी अध्यक्ष मनीष मुंडा ने कहा कि देश को सभी मुंडा जनजाति को एक होना होगा. कोलेबिरा विधायक विल्सन कोंगाड़ी ने कहा कि 5 वी अनुसूची क्षेत्रों में जनजातीय भाषा की पढ़ाई होना है. इसके लिए जनजातीय शिक्षिकों की नियुक्ति करने की मांग किया जायेगा. इस मौके पर आदिवासी जनपरिषद के अध्यक्ष प्रेम शाही मुंडा,गु़जल इकिर मुंडा,मनीष मुंडा, देवेंद्र पाहन,हेमंत मुंडा,सुनिल पाहन,एकेबाहदुर ,दीपक मुंडा, अरविंद मुंडा,दीपक नाग,रेखा मुंडा, जयंती मुंडा,विकास मुंडा , सत्यनारायण मुंडा समेत हजारों महिला - पुरुष शामिल हुए. इसे भी पढ़ें - पश्चिम">https://lagatar.in/west-bengal-gas-balloon-cylinder-explodes-at-fair-4-people-killed/">पश्चिम

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