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महाराष्ट्र : मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा, VVPAT और EVM के आंकड़ों में गड़बड़ी नहीं, विपक्ष के आरोप नकारे

 
Mumbai : मुख्य चुनाव अधिकारी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (2024) में विपक्ष द्वारा लगाये गये वोटों में हेराफेरी के आरोपों को सिरे से नकार दिया दिया है. कहा कि VVPAT (वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) और EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के आंकड़ों में कोई भी असमानता नहीं मिली है. महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने बयान जारी कर कहा कि आयोग ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर EVM और VVPAT का मिलान किया है और सभी परिणाम एकदम सटीक मिले हैं. प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गयी है. कहीं भी गड़बड़ी नहीं मिली.

  1440 वीवीपीएटी यूनिट की पर्ची काउंट का संबंधित नियंत्रण इकाई डेटा के साथ मिलान किया गया.

चुनाव अधिकारी के बयान के अनुसार महाराष्ट्र के 288 विधानसभा क्षेत्रों से 1440 वीवीपीएटी यूनिट की पर्ची काउंट को संबंधित नियंत्रण इकाई डेटा के साथ मिलान किया गया. संबंधित जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार वीवीपीएटी पर्ची की गणना और ईवीएम नियंत्रण इकाई गणना के बीच कोई विसंगति नहीं मिली. ईसीआई द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया. जान लें कि सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में रैंडम तरीके से चयनित पांच मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों की गिनती करना और ईवीएम में संख्या के साथ उसका मिलान करना अनिवार्य है. मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र में 23 नवंबर को मतगणना के दिन प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में रैंडम तरीके से चयनित 5 मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों की गणना, मतगणना पर्यवेक्षक और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों के सामने की गयी,

विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से चुनाव परिणाम की निष्पक्ष जांच की मांग की थी.

मामला यह है कि विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि मतदान के दौरान EVM में छेड़छाड़ हुई है. VVPAT की पर्चियों से वोटों का मिलान नहीं हो रहा है.   उन्होंने चुनाव आयोग से चुनाव परिणाम की निष्पक्ष जांच की मांग की थी. महाराष्ट्र विधानसभा के 95 निर्वाचन क्षेत्रों के 104 उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग से ईवीएम और वीवीपैट डेटा का सत्यापन और मिलान करने की मांग की थी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार 31 जिलों को कवर करने वाले 95 विधानसभा क्षेत्रों से पुनः सत्यापन की मांग सामने आयी थी. चुनावी नतीजों की बात करें तो शिवसेना, भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के महायुति गठबंधन को भारी बहुमत मिला. उसकी सत्ता बरकरार रही. एमवीए फ्लॉप रहा.288 सदस्यीय विधानसभा में महायुति गठबंधन को 230 सीट और एमवीए को केवल 46 सीटें हासिल हुई. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) 20 सीट जीतकर विपक्षी खेमे में सबसे बड़ी पार्टी रही. कांग्रेस ने 16 सीटें जीतीं. राकांपा (शरदचंद्र पवार) 10 सीट के साथ तीसरे नंबर पर रही.
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