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महाराष्ट्र : चुनाव आयोग का फैसला, एनसीपी अजित पवार गुट की, शरद पवार बैकफुट पर

Mumbai/Delhi : महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप मच गया है. यहां से संबंधित एक बड़ी खबर आयी है. चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को असली एनसीपी का तमगा दे दिया है. चुनाव आयोग ने कहा है कि अजित पवार गुट को एनसीपी का नाम और चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने का अधिकार है. साथ ही आयोग ने शरद पवार को नयी पार्टी के गठन के लिए तीन नाम देने को कहा है.  नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

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चुनाव आयोग का फैसले से शरद पवार गुट को झटका लगा

चुनाव आयोग का फैसले से शरद पवार गुट को बड़ा झटका लगा है. बता देंकि छह माह से अधिक समय तक चली सुनवाई के बाद चुनाव आयोग ने एनसीपी विवाद का अंत करते हुए अजीत पवार के नेतृत्व वाले गुट के पक्ष में फैसला दिया. हालांकि चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र से राज्यसभा की छह सीटों के लिए चुनाव की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए शरद पवार गुट को चुनाव संचालन नियम 1961 के नियम 39AA का पालन करने के लिए विशेष रियायत दी. उन्हें 7 फरवरी शाम तक नयी पार्टी गठन के लिए तीन नाम देने को कहा गया है.

हम चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करते हैं :  कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल 

पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि एनसीपी के नाम और चुनाव चिह्न मामले मंत चुनाव आयोग ने अजित पवार के पक्ष में फैसला सुनाया है, हम चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करते हैं. हम लोकतंत्र में रहते हैं और किसी भी फैसले को चुनौती दी जा सकती है. हो सकता है कि इसे सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट में चुनौती दी जायेगी...मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि हमने जो निर्णय लिया वह सही था और ईसी के माध्यम से हमारा निर्णय सही साबित हुआ है.

इस देश में लोकतंत्र खत्म हो गया है :  शिवसेना यूबीटी  

अजित पवार को एनसीपी का नाम और चुनाव चिन्ह मिलने पर, शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, पहले चुनाव आयोग ने कहा कि शिवसेना एकनाथ शिंदे की है. अब उन्होंने कहा है कि एनसीपी अजित पवार की है. पूरा देश जानता है कि एनसीपी की स्थापना 1999 में शरद पवार ने की थी. हमें पहले से पता था कि ऐसा होगा. शरद पवार सुप्रीम कोर्ट जायेंगे. इस देश में लोकतंत्र खत्म हो गया है.   [wpse_comments_template]

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