बाबा आढाव(90 ) ने पुणे में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के खिलाफ आंदोलन शुरू किया है. ईवीएम से चुनाव कराने को धोखाधड़ी करार दिया है Mumbai : महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति की बंपर जीत बाद भी अभी तक सरकार नहीं बनने पर एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने चिंता जताई है. शरद पवार ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा, इतना स्पष्ट बहुमत मिलने के होने अब तक महायुति सरकार नहीं बना पायी है. इसका मतलब यह कि जनता द्वारा दिया गया बहुमत भी उनके (लिए कोई मायने नहीं रखता.
लोगों में काफी बेचैनी है, लोग निराश हैं
यह राज्य के लिए अच्छा नहीं है. इससे लोगों में काफी बेचैनी है, लोग निराश हैं. शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में जनादेश का सम्मान नहीं हो रहा, यह अच्छा नहीं है. 23 नवंबर को परिणाम आने के बाद भी मुख्यमंत्री बनाने को लेकर महायुति किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. इसने विपक्षी गठबंधन (महा विकास अघाड़ी) को महायुति पर निशाना साधने का मौका मिल गया है. तो देश में लोकतंत्र नष्ट हो जाएगा: शरद पवार
शरद पवार ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनाव(2024) में सत्ता का दुरुपयोग किया गया. पैसे का जम कर इस्तेमाल किया गया. कहा कि इस मुद्दे पर जनता को एक जन आंदोलन तैयार करना होगा. देश में संसदीय लोकतंत्र प्रणाली के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है. शरद पवार ने कहा कि जब विपक्षी सांसद पार्लियामेंट में इस मुद्दे पर सवाल उठाते हैं तो उन्हें बोलने नहीं दिया जाता.उनकी मांगें नहीं मानी जाती. जनता से आह्वान कि वह खुद एक जन आंदोलन की शुरुआत करे. संसद में विपक्ष के मुद्दों को दरकिनार किया जा रहा है
खबर आयी है कि सामाजिक कार्यकर्ता बाबा आढाव(90 ) ने पुणे में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के खिलाफ आंदोलन शुरू किया है. ईवीएम से चुनाव कराने को धोखाधड़ी करार दिया है. जान लें कि आढाव ने 28 नवंबर को समाज सुधारक ज्योतिबा फुले के निवास फुले वाडा में तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन शुरू किया था. आखिरी दिन आज शनिवार को शरद पवार उनसे मिलने पहुंचे. यहां मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि चुनाव आयोग इस मामले में इतनी गलत भूमिका निभायेगा, यह विश्वास नहीं हो रहा. शरद पवार ने कहा, जिनके हाथों में सत्ता है, उन्हें कोई चिंता नहीं है. यह पूरे देश का सवाल है. संसद में विपक्ष के मुद्दों को दरकिनार किया जा रहा है. संसदीय लोकतंत्र का ठीक से पालन नहीं हो रहा है
शरद पवार ने कहा, संसदीय लोकतंत्र का ठीक से पालन नहीं हो रहा है. हमें इसके लिए जनता के बीच में जाना होगा. जनता जागरूक है, उसे खुद एक जनआंदोलन शुरू करना चाहिए. बाबा आढाव के आंदोलन को लेकर कहा, यह वैसा ही एक जन आंदोलन है. मुझे विश्वास है कि इस आंदोलन का परिणाम आज नहीं तो कल जरूर दिखेगा. इधर शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने भी महाराष्ट्र में नयी सरकार के गठन में हो रही देरी पर हल्ला बोला है. कहा कि भाजपा की क्या विवशता है. सब मोदी और शाह से डरते हैं. आठ दिन बीत जाने के बाद भी महाराष्ट्र में सीएम क्यों नहीं बन रहा है?
संजय राउत ने कहा, आठ दिन बीत जाने के बाद भी महाराष्ट्र में सीएम क्यों नहीं बन रहा है? एकनाथ शिंदे तो अपने गांव चले गये हैं. महाराष्ट्र में चुनाव नतीजों के खिलाफ आंदोलन शुरू हो गया है. जान लें कि 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए 20 नवंबर, 2024 को हुए चुनाव में महायुति गठबंधन को 230 सीटों परजीत मिली. महा विकास अघाड़ी गठबंधन सिर्फ 48 सीटों पर सिमट गया. महायुति में भाजपा ने 132, शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं. एमवीए में शिवसेना यूबीटी ने 20, कांग्रेस ने 16 और एनसीपी (एसपी) ने 10 और सपा के खाते में 2 सीटें आयी.
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