New Delhi : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार की लोकपाल द्वारा भेजी गयी शिकायत की जांच के संबंध में वकील जय अनंत देहाद्राई को गुरुवार को उसके समक्ष पेश होने के लिए कहा है. अधिकारियों ने आज मंगलवार को बताया कि एक समय में मोइत्रा के करीबी रहे देहाद्राई ने पूर्व सांसद पर गंभीर आरोप लगाये थे. हालांकि महुआ ने इन आरोपों का खंडन किया था.
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सीबीआई ने लोकपाल से शिकायत पर मोइत्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू की है
जांच एजेंसी ने देहाद्राई को अपना बयान दर्ज कराने के लिए गुरुवार को दोपहर दो बजे एजेंसी की एसी-3 यूनिट के समक्ष पेश होने के लिए कहा. सीबीआई ने लोकपाल से शिकायत मिलने के बाद मोइत्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू की है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने इन आरोपों का लेकर मोइत्रा के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराते हुए लोकपाल से संपर्क किया था कि उन्होंने संसद में सवाल पूछने के बदले में रिश्वत ली.
मोइत्रा को सदन से निष्कासित कर दिया है
मोइत्रा को एक कारोबारी से उपहार और रिश्वत लेने का दोषी पाये जाने पर पिछले महीने लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था. लोकसभा ने अपनी आचार समिति की रिपोर्ट को स्वीकार करने के बाद मोइत्रा को सदन से निष्कासित कर दिया था. मोइत्रा ने अपने निष्कासन को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है. [wpse_comments_template]
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