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टेंडर के फेर में फंसा स्वास्थ्य उपकरणों का रखरखाव, एक साल पहले ही करार खत्म

 
Vinit Abha Upadhyay Ranchi: सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर बायोमेडिकल उपकरण प्रबंधन और रखरखाव कार्यक्रम (बीएमएमपी) के लिए भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित और प्रायोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम है. इस कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी जिला और उपजिला अस्पतालों में मौजूद स्वास्थ्य उपकरणों के देखभाल, मेंटेनेंस और सर्वोत्म मरम्मत सेवाएं देनी है. इसके लिए राज्य सरकार ने हैदराबाद स्थित निजी कंपनी मेसर्स मेडिसिटी हेल्थकेयर सर्विसेज के बीच निविदा आमंत्रित करने के की शर्तों के आधार पर करार किया था. करीब एक वर्ष पहले यह करार खत्म हो चुका है. इसके बाद से न तो इसे एक्टेंशन मिला है और ना ही इसके लिए नया करार हुआ है. ऐसे में मशीनों का रखरखाव अब भगवान भरोसे है. अस्पतालों में अगर मशीनें खराब हो जाती हैं तो इसका मेंटेनेंस भी अभी संभव नहीं है. ऐसे में नुकसान सिर्फ मरीजों को होगा. उन्हें निजी अस्पतालों और क्लिनिकों के भरोसे रहना होगा. इसे पढ़ें- झारखंडः">https://lagatar.in/jharkhand-vandana-dadel-given-command-of-home-secretary/">झारखंडः

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पिछला भुगतान भी है लंबित

इस संबंध में जब सेवा प्रदाता मेडिसिटी के प्रतिनिधियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि उनका काफी बकाया भुगतान सरकार के पास लंबित है, फिर भी वे सरकारी सुविधाओं के लिए सेवाएं जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं. नाम न बताने की शर्त पर कार्यरत अधिकारियों ने खुलासा किया कि मेडिसिटी इंजीनियर अभी भी हमारे अनुरोधों और कॉलों पर मरीजों एवं झारखंड की जनता की देखभाल के लिए अपनी सर्वोत्तम क्षमताओं के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं.

22 जुलाई 2023 को ही हुई थी बैठक, नहीं निकला नतीजा

4 जुलाई 2023 को वर्तमान सेवा प्रदाता मेडिसिटी हेल्थकेयर हैदराबाद की ओर से प्रस्तुत आवेदन पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने झारखंड सरकार के कार्यालय आदेश संख्या 827 (एलएचएस) के तहत, इस संदर्भ स्थिति पर चर्चा और विश्लेषण करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक 22-07-2023 को अपराह्न 3:30 बजे उनके कार्यालय कक्ष में बुलाई थी. लेकिन इसका नतीजा नहीं निकल सका है. करार खत्म होने का सबसे बड़ा असर ये होगा कि झारखंड के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में लगे मेडिकल उपकारों पर मेंटेनेंस के आभाव में जंग लग सकता है. इसे भी पढ़ें- पशुपति">https://lagatar.in/bihar-pashupati-paras-resigns-from-union-cabinet-accuses-bjp-of-injustice/">पशुपति

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इन जीवन रक्षक उपकरणों के रखरखाव की है जरुरत

वेंटिलेटर, डिफैब्रिलेटर, ईसीजी मशीनें, बेबी वार्मर, - सीटी स्कैन मशीनें - अल्ट्रासाउंड मशीनें - कृत्रिम सांस डिफैब्रिलेटर्स ऑपरेशन थिएटर उपकरण आईसीयू उपकरण एनआईसीयू उपकरण लैब उपकरण आदि रक्त-गैस विश्लेषक सभी रिकॉर्ड-कीपिंग [wpse_comments_template]
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