Ranchi: हाईकोर्ट से फोरम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. को बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाते हुए JIADA के क्षेत्रीय निदेशक के 27 अक्टूबर 2021 का आवंटन और लीज रद्द करने का आदेश अधिकार क्षेत्र के अभाव में रद्द कर दिया गया. साथ ही 9 अगस्त 2019, 23 अक्टूबर 2019 और 22 फरवरी 2020 के सभी कारण बताओ नोटिस को रद्द कर दिया.
गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं होना बना आधार
हाईकोर्ट ने पाया कि JIADA Regulations, 2016 उस समय विधिवत लागू नहीं हुए थे क्योंकि उन्हें लागू करने संबंधी गजट नोटिफिकेशन उस समय जारी नहीं हुई थी. यह अधिसूचना 6 दिसंबर 2022 को प्रकाशित हुई. इसलिए 2019-2021 के दौरान क्षेत्रीय निदेशक के पास आवंटन रद्द करने का वैधानिक अधिकार नहीं था.
सक्षम प्राधिकारी को मामला भेजा गया वापस
कोर्ट ने मामला वर्तमान सक्षम प्राधिकारी (Regional Director) को वापस भेजने का निर्देश दिया. सक्षम प्राधिकारी को नया कारण बताओ नोटिस जारी कर कंपनी को सुनवाई का अवसर देते हुए दो माह के भीतर नया निर्णय लेने का निर्देश दिया गया. कंपनी को कार्यवाही में पूरा सहयोग करना होगा और अनावश्यक स्थगन नहीं लेना होगा. नया निर्णय पुराने रद्द किए गए आदेश से प्रभावित हुए बिना लिया जाएगा.
38 सफल बोलीदाताओं पर प्रभाव
मामले की सुनवाई के दौरान JIADA ने संबंधित भूमि के लिए पुनः नीलामी कर 38 सफल बोलीदाताओं का चयन कर लिया था.
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि नया निर्णय कंपनी के पक्ष में जाता है, तो 38 सफल बोलीदाताओं से प्राप्त राशि 12% वार्षिक ब्याज सहित लौटाई जाएगी और ब्याज की राशि कंपनी से वसूल की जाएगी. यदि निर्णय कंपनी के विरुद्ध जाता है, तो JIADA 38 सफल बोलीदाताओं को भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा.
दरअसल वर्ष 2007 में AIADA (अब JIADA) ने आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 21.698 एकड़ भूमि 90 वर्ष की लीज पर "सिटी सेंटर" परियोजना के लिए आवंटित की थी. इस परियोजना के तहत स्टार होटल, मल्टीप्लेक्स, शॉपिंग मॉल, अस्पताल आदि विकसित किए जाने थे. लीज की शर्तों के अनुसार, निर्धारित समय के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना था, लेकिन कंपनी बाउंड्री वॉल बनाने के अलावा कोई निर्माण नहीं कर सकी.
2014 में AIADA ने उसका आवंटन रद्द कर दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने रद्द करते हुए कंपनी को एक और अवसर दिया था.
हालांकि बाद में कंपनी को 2019 और 2020 में पुनः कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और 27 अक्टूबर 2021 को क्षेत्रीय निदेशक ने आवंटन रद्द कर लीज समाप्त कर दी. साथ ही जमा राशि जब्त करने का आदेश दिया था.
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