Kolkata : पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी आज गुरुवार को वकीलों की तरह गाउन और बैंड पहनकर कलकत्ता हाई कोर्ट में पेश हुई. लेकिन यह मामला विवादास्पद हो गया है.
Kolkata: Bar Council of India seeks details from the West Bengal Bar Council on Mamata Banerjee’s enrolment and Certificate of Practice (CoP) status after she appeared as a lawyer in the Calcutta High Court in a case. pic.twitter.com/r8uKbtlJfQ
— Press Trust of India (@PTI_News) May 14, 2026
खबर है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से ममता बनर्जी के वकील के रूप में नामांकन और प्रैक्टिस की स्थिति पर रिपोर्ट तलब की है. जानकारी के अनुसार विवाद इसलिए हो रहा है कि सिर्फ एलएलबी परीक्षा पास करने से कोर्ट में सीधे पेश होने का अधिकार नहीं मिल जाता.
कोर्ट में बतौर वकील पेश होने के लिए राज्य बार काउंसिल के पास एनरोलमेंट करवाना जरूरी होता है. साथ ही वकालत करने के लिए सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस भी हासिल करना जरूरी होता है.
VIDEO | Delhi: On BCI seeking report from West Bengal Bar Council about enrolment, practice status of ex-CM Mamata Banerjee after her HC appearance, senior advocate and Bar Council of India Chairman Manan Kumar Mishra says, "She appeared in court dressed as a lawyer, wearing the… pic.twitter.com/mirryGmXK7
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नियमानुसार ममता बनर्जी का नाम पूर्व में यदि वकील के रूप में बार काउंसिल के रजिस्टर में दर्ज भी रहा हो तो संवैधानिक पद पर रहने के कराण उनका नामांकन स्थगित हो जाता है.
जानकारी के अनुसार बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने राज्य बार काउंसिल को निर्देश देते हुए कहा है कि वह ममता बनर्जी के नामांकन और प्रैक्टिस की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट भेजें.
बार काउंसिल ने मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री(ममता बनर्जी) का कोर्ट में वकीलों की आधिकारिक ड्रेस में नजर आना बार काउंसिल के नियमों और प्रोफेशनल आचरण के लिए तय मानकों के तहत जांच का विषय है.
बीसीआई के नियमों के अनुसार अगर कोई वकील किसी संवैधानिक पद या लाभ के पद पर बैठता है, तो उसकी प्रैक्टिस निलंबित हो जाती है. पद छोड़ने के बाद वकालत फिर से शुरू करने के लिए उसे राज्य बार काउंसिल को आवेदन देकर प्रैक्टिस की अनुमति मांगनी होती है.
बीसीआई ने राज्य बार काउंसिल से पूछा है कि ममता बनर्जी का एनरोलमेंट नंबर और उसकी तिथि क्या है? पूछा है कि क्या ममता बनर्जी का नाम वर्तमान में वकीलों के रजिस्टर में दर्ज है या नहीं.
बीसीआई ने यह भी जानना चाहा है कि मुख्यमंत्री के रूप में पर उनके 2011 से 2026 तक के कार्यकाल के दौरान क्या उन्होंने अपनी प्रैक्टिस स्वेच्छा से निलंबित की थी? क्या ममता बनर्जी ने फिर से प्रैक्टिस शुरू करने के लिए कोई आवेदन दिया है? पूछा है कि पूर्व सीएम क सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस में वैध और सक्रिय है या नहीं
सबसे अहम बात. BCI ने राज्य बार काउंसिल को 16 मई तक जवाब देने को कहा है. BCI ने राज्य बार काउंसिल को साफ चेताया है कि वह अपने रिकॉर्ड में किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करे. सभी मूल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा गया है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा है कि जांच लंबित रहने तक दस्तावेजों में किसी भी तरह का सुधार ओवरराइटिंग या बदलाव नहीं किया जाना चाहिए.
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा है कि ममता बनर्जी बैंड, गाउन और अन्य सभी आवश्यक पोशाक पहनकर एक वकील के रूप में कलकत्ता हाई कोर्ट में उपस्थित हुईं.
इसलिए बार काउंसिल ने पश्चिम बंगाल राज्य बार काउंसिल को पत्र लिखकर इस बारे में जानकारी मांगी है कि क्या ममता बनर्जी ने कभी कानून का अभ्यास करने के लिए लाइसेंस प्राप्त किया था.
क्या उन्होंने मुख्यमंत्री बनने से पहले लाइसेंस प्राप्त किया था. क्या वह बार काउंसिल में नामांकित थीं. यदि वह वकालत करती है, तो उसकी नामांकन संख्या क्या है?
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