Kolkata : तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों के विरोध में 2 जून को कोलकाता के रानी राशमोनी रोड पर पदयात्रा निकालेगी. पहले खबर थी कि वे वहां धरना देगी.
VIDEO | Kolkata, West Bengal: TMC chief Mamata Banerjee says, “Arrest me if you want. The TMC will hold its protest on June 2 even without police permission, microphones or a stage. If we are not allowed to protest in Kolkata, we will protest in Delhi.”
— Press Trust of India (@PTI_News) June 1, 2026
Source: Mamata Banerjee's… pic.twitter.com/OJeY32fiA6
खबरों के अनुसार ममता बनर्जी ने टीएमसी नेताओं से कहा है कि अगर पुलिस द्वारा रैली की इजाजत नहीं दी जाती है, तो वे अदालत नहीं जायेगी, बल्कि आम नागरिक की तरह सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज करायेगी.
All India Trinamool Congress (AITC) expels MLA Ritabrata Banerjee from the (primary) membership of the Party with immediate effect. pic.twitter.com/ISZVFWEXOh
— ANI (@ANI) June 1, 2026
जानकारों का कहना है कि ममता बनर्जी ने अचानक धरने की जगह सड़क पर मार्च करने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि वे पार्टी के भीतर पैदा हुआ भारी डर दूर करना चाहती है. जान लें कि पिछले दो दिनों में टीएमसी के दो बड़े सांसदों को जन आक्रोश का सामना करना पड़ा है,
शनिवार को सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी और रविवार को चंडीपुर में कल्याण बनर्जी के साथ जनता द्वारा मारपीट और हाथापाई किये जाने की सूचना है. इन घटनाओं के बाद से टीएमसी नेताओं में भय समा गया है. ऐसे माहौल में ममता बनर्जी खुद सड़क पर उतरकर अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के मन से भय दूर करना चाहती है.
मार्च के जरिए ममता चुनाव के बाद हुई हिंसा, चुनाव में धांधली के आरोप, टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों और केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग आदि मुद्दों को उठाकर नयी बनी सुवेंदु सरकार को घेरने की कवायद में जुट गयी है.
एक और खबर है कि टीएमसी ने अपने दो विधायकों संदीपन साहा और रितब्रता बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निकाल दिया है. पार्टी ने नोटिस जारी कर कहा है कि संदीपन और रितब्रता को टीएमसी की प्राथमिक सदस्यता से निष्काषित कर दिया गया है.
दरअसल टीएमसी का यह आदेश मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के राज्य सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहा गया कि दोनों ने राज्य विधानसभा में नकली हस्ताक्षर मामले के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
Leave a Comment