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टेंडर मैनेज करना अब नहीं होगा आसान

-सरकार ने सभी वर्क डिपाटमेंट के टेंडर नियमों में किया बदलाव -10 लाख से उपर के टेंडर केवल ऑनलाइन ही डाले जाएंगे, अब सिक्यूरिटी मनी का ड्राफ्ट नहीं लिया जाएगा - ऑफ लाइन प्रति अब जमा नहीं होगा, टेंडर डालने के बाद वापस लिया तो सिक्यूरिटी मनी होगा जब्त Kaushal Anand Ranchi: झारखंड में टेंडर मैनेज, टेंडर घोटाला और टेंडर वितरण में बंदरबांट का आरोप लगता रहा है. इसके आरोप कई वरीय अफसरों पर भी लग चुके हैं. मगर अब झारखंड में यह आसान नहीं होगा. सरकार ने सभी वर्क डिपार्टमेंट के टेंडर नियमों में भारी बदलाव किया है. इसके बाद उम्मीद जताई है कि टेंडर मैनेज करने और टेंडर को लेकर कार्य वितरण में बंदरबांट या फिर भाई-भतीजावाद का आरोप नहीं लगेगा.

10 लाख से ऊपर के टेंडर डालने के नियमों में सरकार ने किया बदलाव

राज्य सरकार ने 10 लाख से ऊपर के टेंडर डालने के नियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं. अब नए नियमो के तहत टेंडर डालने की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. अभी नियम है कि टेंडर डालने के बाद उसकी एक प्रति ऑफलाइन सिक्योरिटी मनी का ड्राफ्ट ऑफलाइन डालना पड़ता है. मगर अब इस नियम में बदलाव किया गया है. अब ऑफ लाइन टेंडर की प्रति जमा नहीं करना होगा. यहां तक सिक्योरिटी मनी जो ड्राफ्ट के तौर पर देनी पड़ती है, वह राशि भी अब ऑन लाइन ही भुगतान करनी होगी. यहां तक सरकार ने यह तय किया है कि अगर कोई टेंडर ऑनलाइन डालने के बाद उसे वापस लेता है, तो उसकी सिक्योरिटी मनी जब्त कर ली जाएगी.

ऐसे होता है टेंडर मैनेज का खेल

टेंडर मैनेज करने के लिए दो कंपनी या एजेंसी या निजी व्यक्ति सेंटिंग करके दो-दो पेपर से टेंडर डालते हैं. इसके बाद टेंडर मैनेज करने का खेल शुरू होता है. जब टेंडर मैनेज हो जाता है, तो एक व्यक्ति अपना डाले गए टेंडर आवेदन को वापस ले लेता है. इसमें बड़ा खेल ऊपर से लेकर नीचे तक होता है. इसको लेकर कई बड़े सवाल उठते रहे हैं. इंजीनियरों एवं बड़े अफसरों पर टेंडर मैनेज, मनचाहे कंपनी या व्यक्ति को काम देने सहित कई तरह के आरोप लगते रहे हैं. इन सबसे बचने के लिए सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है और टेंडर डालने के नियमों में कई अहम बदलाव किया है. [wpse_comments_template]  

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