Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में 350 से अधिक ओएमआर शीट में हेरफेर की गई थी. परीक्षा संचालन का काम जिन कंपनियों TDPL को दिया गया, उसी ने जेपीएससी के अध्यक्ष व अन्य सदस्यों और अधिकारियों कर्मचारियों से मिल कर इस गड़बड़ी को अंजाम दिया.
दस्तावेजों के मुताबिक TDPL को JSSC ने पहले परीक्षा संचालन का काम दिया गया था. 20 मई 2025 को JSSC ने गंभीर अनियमितता, लापरवाही और अधिक दर पर भुगतान की मांग जैसे आरोपों के बाद कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था. इसके बाद भी TDPL को JPSC की परीक्षाओं का काम End to End Basis पर दिया गया था.
5 लाख से 25 लाख तक वसूली का आरोप
आरोप है कि अभ्यर्थियों को चयन का भरोसा देकर पैसे की वसूली की गई. PT परीक्षा में पास कराने के लिए 5 लाख रुपये एडवांस लिए जाते थे और अंतिम चयन के लिए 25 लाख रुपये. इंटरव्यू और मेन्स पास कराने के लिए 10-25 लाख रुपये लिए गए.
FRO परीक्षा में 350 से ज्यादा OMR में हेरफेर
जेपीएससी ने Forest Range Officer यानी FRO की नियुक्ति के लिए परीक्षा ली थी. आरोप है कि 350 से अधिक OMR सीटों में हेरफेर किया गया. इसके अलावा Assistant Conservator of Forest यानी ACF परीक्षा की 150 से अधिक OMR सीटों में भी कथित छेड़छाड़ किया गया है.
आरोप है कि अभय तिवारी के सिंडिकेट के द्वारा कथित गिरोह द्वारा अभ्यर्थियों से शैक्षणिक प्रमाणपत्र, कैंसिल चेक, हस्ताक्षर किए हुए खाली स्टांप पेपर और हस्ताक्षर किए हुए A4 पेपर तक लिए जाते थे.