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मणिपुर हिंसा : आज दिल्ली में ऑल पार्टी मीटिंग, अमित शाह होंगे शामिल, राहुल ने कहा, पीएम विदेश में हैं, उनके लिए बैठक महत्वपूर्ण नहीं

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New Delhi : मणिपुर हिंसा को लेकर आज 24 जून को गृहमंत्री अमित शाह आज दोपहर 3 बजे से दिल्ली में ऑल-पार्टी मीटिंग करने जा रहे हैं. मणिपुर के शिक्षा मंत्री बसंता सिंह ने कहा कि बैठक में राष्ट्रीय पार्टियों के साथ मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा की जायेगी. बता दें कि राज्य में 3 मई से जारी हिंसा खत्म नहीं हो रही है. कांग्रेस ने इस बैठक को बहुत देर से उठाया गया और नाकाफी कदम बताया है.                      ">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">

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बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पीएम मोदी अमेरिका की यात्रा पर हैं

कांग्रेस का मानना है कि अगर मणिपुर के लोगों के साथ बातचीत की कोशिश दिल्ली में बैठकर की जायेगी, तो इसमें गंभीरता कहां है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मीटिंग पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया था कि बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पीएम मोदी अमेरिका की यात्रा पर हैं, इसका मतलब यह बैठक पीएम के लिए महत्वपूर्ण नहीं है.

ऑल-पार्टी मीटिंग इंफाल में की जानी चाहिए

इससे पूर्व कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था कि ऑल-पार्टी मीटिंग इंफाल में की जानी चाहिए. इसका जवाब देते हुए मणिपुर के शिक्षा मंत्री बसंता सिंह ने कहा कि जयराम रमेश को पता होना चाहिए कि पिछले माह इंफाल में एक ऑल-पार्टी मीटिंग हो चुकी है. इस बैठक में पूर्व CM सहित कई कांग्रेस नेता शामिल हुए थे. जान लें कि अमित शाह के मणिपुर दौरे के समय विपक्षी पार्टियों की मीटिंग हुई थी.

बैठक में राष्ट्रपति शासन पर चर्चा नहीं होगी

जान लें कि मणिपुर में जारी हिंसा के बीच कई दल राज्य चाहते हैं कि वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाये. वे इसकी मांग भी कर रहे हैं. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मीटिंग में राष्ट्रपति शासन पर चर्चा की संभावना नहीं है. बता दें कि असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की अमित शाह से मुलाकात के बाद ऑल-पार्टी मीटिंग का फैसला लिया गया है.

सोनिया गांधी के संदेश के बाद जागी सरकार

ऑल-पार्टी मीटिंग बुलाये जाने को लेकर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार तब जागी है जब सोनिया गांधी ने मणिपुर के लोगों को संदेश दिया. कहा कि इस गंभीर समस्या पर होनी वाली बैठकों से PM का दूर रहना उनकी कायरता दर्शाता है. इन हालातों में भी राष्ट्रपति शासन लागू न करना एक मजाक जैसा लग रहा है. याद करें कि सोनिया गांधी ने 21 जून को एक वीडियो संदेश जारी करके लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की थी. [wpse_comments_template]

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