- डॉ मनमोहन सिंह हर मामले में सही साबित हुए हैं.
- मोदी सरकार ईडी और सीबीआई के जरिये नेताओं पर दबाव बनाती है. नेताओं को चुप करा दिया जाता है
- विपक्ष में रहते हुए वे भ्रष्ट माने जाते हैं. पार्टी बदलकर भाजपा में शामिल होने पर अचानक साफ सुथरे हो जाते हैं.
NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुछ दिन पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में क्लीन चिट दिये जाने के कुछ दिन बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इंडियन एक्सप्रेस में आर्टिकल लिख कर मोदी सरकार पर हल्ला बोला.
Record of Integrity vs Misuse of Agencies pic.twitter.com/nWGLmfbFRV
— Congress (@INCIndia) August 11, 2026
सोनिया गांधी ने आज मंगलवार को लिखे अपने लेख में मनमोहन सिंह और मोदी सरकार के कामकाज की तुलना की. सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह के खिलाफ योजनाबद्ध और सुनियोजित अभियान चलाया गया था. लिखा कि इस अभियान में नौकरशाही से लेकर मीडिया, न्यायपालिका आरएसएस और भाजपा तक के लोग शामिल थे. आज उन सब का झूठा अभियान अपने स्वाभाविक अंत तक पहुंच गया है. डॉ मनमोहन सिंह हर मामले में सही साबित हुए हैं.
सोनिया ने अपने लेख में लिखा, मनमोहन सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड मोदी सरकार के काम करने के तरीके से बिल्कुल उल्टा था. इतिहास मनमोहन सिंह को शांत, सरल, लेकिन सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में से एक के तौर पर सम्मान से याद करेगा. सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा, इन दिनों मोदी देश के उन छात्रों को माफ कर रहे हैं, जिन्होंने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया है. मोदी इस मौके का इस्तेमाल मनमोहन सिंह के खिलाफ की गयी अपमानजनक बदनामी के लिए खुद को माफ करने में कर सकते हैं.
सोनिया गांधी ने लिखा, 29 जुलाई 2026 राजनीतिक इतिहास का एक अहम दिन था. उस दिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में कथित कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले में डॉ. मनमोहन सिंह को सीबीआई की ओर से दी गयी क्लीन चिट पर मुहर लगा दी.सोनिया गांधी के अनुसार अहम बात यह रही कि सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को फटकारा .
निचली अदालत ने सीबीआई की केस बंद करने वाली रिपोर्ट खारिज कर दी थी. मनमोहन सिंह के खिलाफ टिप्पणी भी की थी, जबकि निचली अदालत के पास ऐसा करने का कोई ठोस कारण भी नहीं था. सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का स्पष्ट रूप से विपक्ष के लोगों के खिलाफ गलत इस्तेमाल किया है.
मोदी सरकार ईडी और सीबीआई के जरिये नेताओं पर दबाव बनाती है. नेताओं को चुप करा दिया जाता है या चालाकी से भाजपा में शामिल कर लिया जाता है. सोनिया गांधी ने कहा, जब उनके भ्रष्टाचार के विश्वसनीय आरोप सामने आते हैं, तो मोदी सरकार आसानी से नजरअंदाज कर देती है. विपक्ष में रहते हुए वे भ्रष्ट माने जाते हैं. पार्टी बदलकर भाजपा में शामिल होने पर अचानक साफ सुथरे हो जाते हैं.
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