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मनमोहन सिंह के बयान को गलत तरीके से पेश किया, झूठ प्रचार नड्डा  बन गये हैं भाजपा अध्यक्ष : कांग्रेस

 New Delhi :  कांग्रेस ने भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के हमले पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वह झूठ प्रचार नड्डा बन गये हैं. वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की टिप्पणियों को गलत संदर्भ में पेश कर रहे हैं. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इस लोकसभा चुनाव में हार सुनिश्चित देकर प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा अध्यक्ष और सत्तारूढ़ दल के नेता बौखला गये हैं और ऐसे में वे ध्रुवीकरण करने का प्रयास कर रहे हैं.                                                        नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

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देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है

जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर आज शुक्रवार को आरोप लगाया था कि वह मुसलमानों को लाभ पहुंचाने के लिए अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अधिकारों को छीनना चाहती है. यह विपक्षी दल का छिपा हुआ एजेंडा है. नड्डा ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 2006 के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुसलमानों का है. रमेश ने एक बयान में कहा, ‘भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के आरोप झूठ पर आधारित हैं. लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी की हवा उनको लग गयी है और झूठ प्रचार नड्डा बन गये हैं.  उनका कहना है कि भाजपा अध्यक्ष ने 9 दिसंबर, 2006 को राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में मनमोहन सिंह द्वारा दिये गए भाषण को गलत तरीके से पेश किया है.

महिलाओं एवं बच्चों के उत्थान के लिए कार्यक्रम हमारी प्राथमिकताएं हैं

रमेश के अनुसार, मनमोहन सिंह ने कहा था, मेरा मानना है कि हमारी सामूहिक प्राथमिकताएं बहुत स्पष्ट हैं. कृषि, सिंचाई एवं जल संसाधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यकों, महिलाओं एवं बच्चों के उत्थान के लिए कार्यक्रम हमारी प्राथमिकताएं हैं. उनके मुताबिक, तत्कालीन प्रधानमंत्री ने इससे आगे कहा था, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए योजनाओं को नये सिरे से तैयार करने की ज़रूरत है. हमें यह सुनिश्चित करने के लिए नयी योजनाएं बनानी होंगी कि अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से मुस्लिमों को विकास में समान भागीदारी मिले. संसाधनों पर पहला हक़ उनका होना चाहिए.

भाजपा दक्षिण भारत में साफ और उत्तर एवं मध्य भारत में हाफ

केंद्र के पास असंख्य अन्य जिम्मेदारियां हैं जिनकी मांगों को समग्र संसाधन उपलब्धता के अनुरूप बनाना होगा. उन्होंने कहा कि बयान में यह देखा जा सकता है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री का संसाधनों पर पहला हक  का संदर्भ ऊपर सूचीबद्ध सभी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को संदर्भित करता है, जिनमें एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों के उत्थान के कार्यक्रम शामिल हैं. रमेश ने दावा किया, ‘असली बात है कि भाजपा बौखलाई हुई है. भाजपा दक्षिण भारत में साफ और उत्तर एवं मध्य भारत में हाफ. इसलिए अब उनकी एक ही रणनीति है कि ध्रुवीकरण, ध्रुवीकरण और ध्रुवीकरण. [wpse_comments_template]

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