Manoharpur (Ajay Singh) : कुडूख सरना जागरण मंच की ओर से आनंदपुर के तिरला गाँव में विश्व आदिवासी दिवस पारंपरिक रूप से मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ कुडुख सरना जागरण मंच के लोगों ने बिरसा मुंडा के तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया. इस मौके पर सभी ने सरना आदिवासियों की एकजुटता पर बल दिया साथ ही अपनी संस्कृति एवं सरना समाज को आगे बढ़ाने में समाज के प्रबुद्ध लोगों को बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-tribal-artists-honored-on-world-tribal-day/">जमशेदपुर
: विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी कलाकारों को किया सम्मानित बोदे खलखो ने कहा कि आदिवासी समाज प्राकृतिक पूजक है. सरना समाज के लोग अपने धार्मिक स्थलों, खेतो, घरों इत्यादि जगहों पर एक विशिष्ट प्रकार का झंडा लगाते है. वह अन्य धर्मो के झंडो से अलग होते है. वहीं प्राकृतिक में पाए जाने वाले सभी जीव-जंतु, पर्वत, नदी, खेत सभी की पूजा करते है. उनका मानना है कि प्रकृतिक की हर एक वस्तु में जीवन है. मौके पर उपस्थित आदिवासी सरना समाज के लोगों ने अपनी पुरातन आदिवासी सरना धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए संकल्प लिया. इस कार्यक्रम में आदिवासी सरना समाज के संरक्षक बोदे खलखो, अध्यक्ष रॉबी लकड़ा, बांधना उरांव, भीमसेन तिग्गा, रामचन्द्र कच्छप, रमेश तिर्की, मोहनलाल कच्छप समेत कई लोग उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
: विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी कलाकारों को किया सम्मानित बोदे खलखो ने कहा कि आदिवासी समाज प्राकृतिक पूजक है. सरना समाज के लोग अपने धार्मिक स्थलों, खेतो, घरों इत्यादि जगहों पर एक विशिष्ट प्रकार का झंडा लगाते है. वह अन्य धर्मो के झंडो से अलग होते है. वहीं प्राकृतिक में पाए जाने वाले सभी जीव-जंतु, पर्वत, नदी, खेत सभी की पूजा करते है. उनका मानना है कि प्रकृतिक की हर एक वस्तु में जीवन है. मौके पर उपस्थित आदिवासी सरना समाज के लोगों ने अपनी पुरातन आदिवासी सरना धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए संकल्प लिया. इस कार्यक्रम में आदिवासी सरना समाज के संरक्षक बोदे खलखो, अध्यक्ष रॉबी लकड़ा, बांधना उरांव, भीमसेन तिग्गा, रामचन्द्र कच्छप, रमेश तिर्की, मोहनलाल कच्छप समेत कई लोग उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
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