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पुरानी बोरिंग में जोड़ा गया दो जलमीनार का कनेक्शन
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गार्ड टोला में दो जलमीनार का निर्माण किया गया है. परंतु इसके लिए ठेकेदार ने बोरिंग नहीं की है. बल्कि पुरानी बोरिंग से उसे कनेक्ट कर दिया है. वहीं गांव के अन्य टोलों में 3 और जलमीनारों का निर्माण किया गया है. जिसमें से एक जलमीनार में पानी नहीं चढ़ता है. यह भी बताया कि जिन जलमीनारों की बोरिंग की गई है. वह भी सही ढंग से नहीं की गई है. ग्रामीणों के मुताबिक बीच टोला में जलमीनार के लिए मात्र 90 फीट बोरिंग की गई है. इसी तरह राजा टोला के लिए 115 फीट और थाला टोला के जलमीनार के लिए मात्र 80 फीट बोरिंग की गई है. यही कारण है कि एक जलमीनार की टंकी पर पानी नहीं चढ़ पा रहा है. जबकि नियमानुसार न्यूनतम 180 फीट बोरिंग किया जाना है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-three-boxers-of-mangal-singh-boxing-academy-will-represent-jharkhand-in-national-boxing-competition/">जमशेदपुर: राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे मंगल सिंह बॉक्सिंग एकेडमी के तीन मुक्केबाज
बड़ा सवाल : 32 परिवारों पर 7 जलमीनार का निर्माण क्यों?
इस बारात बताना जरूरी है कि गांव में कुल 32 परिवार हैं.यहां पहले से दो जल मीनार सुचारू रूप से चल रहे हैं.इसके बावजूद यहां 5 नए जलमीनारों का निर्माण किस नियम के तहत की गई है. यह एक बड़ा सवालीया निशान है. जानकार बताते हैं कि यह सिर्फ सरकारी पैसों की बर्बादी है. वहीं विभाग के कनीय अभियंता राजकिशोर ने भी बताया कि दो हजार लीटर की क्षमता वाले जलमीनार से अधिकतम 15, 5 हजार लीटर की क्षमता वाले जलमीनार से 15 से 20 और 40 घरों तक के लिए 8 हजार लीटर की क्षमता वाले जलमीनार का निर्माण किया जाना था. किंतु गांव के सभी नए 5 जलमीनार में सिर्फ 5 हजार लीटर की टंकी लगाई गई है. ऐसे में इनसे अधिकतम 100 घरों तक पानी की आपूर्ति होनी चाहिए. जबकि यहां कुल 32 परिवार ही हैं. ऐसे में 5 नए जलमीनार का निर्माण केवल सरकारी पैसे की बर्बादी को दर्शाता है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-free-summer-volleyball-training-camp-begins-ends-on-june-11/">रांची: निशुल्क ग्रीष्मकालीन वॉलीबॉल प्रशिक्षण शिविर शुरू,11 जून को समापन
निर्माण कार्य में लगी सामग्री भी सवालों के घेरे में
इधर जलमीनार में लगाई गई टंकी तथा अन्य सामग्रियों की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है. जलमीनारों की टंकियां और अन्य सामग्रियां मानक स्तर की नहीं हैं.जिससे ये जलमीनार कितने समय तक लोगों को अपनी सेवाएं दे पाएगा, यह एक बड़ा सवाल है.ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी बोरिंग में जलमीनार को कनेक्ट करने का ग्रामीणों ने विरोध भी किया था.पर उनकी बातों का संवेदक पर कोई असर नहीं पड़ा. बताते चलें कि दीघा पंचायत के बिटकिलसोय गांव में हाल ही में डीएमएफटी फंड से कुल 5 जलमीनारों का निर्माण कराया गया है. जिसके अभिकर्ता चक्रधरपुर के मुकेश अग्रवाल हैं. वहीं इस संबद्ध में मुकेश अग्रवाल से संपर्क नहीं होने के कारण उनका पक्ष नहीं लिया जा सका है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jee-advanced-exam-was-peaceful-at-two-centers-in-the-city/">जमशेदपुर: शहर में दो केंद्रों पर शांतिपूर्ण रही जेईई एडवांस की परीक्षा जलमीनारों के बारे में दी गई जानकारी को लेकर स्थल का निरीक्षण किया जाएगा. अगर ठेकेदार के द्वारा की गई बोरिंग की गहराई कम होगी तो ठेकेदार से और बोरिंग कराई जाएगी. साथ ही मानक स्तर की सामग्रियों को भी लगाने को कहा जाएगा.
राजकिशोर, कनीय अभियंता
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, मनोहरपुर
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