Manoharpur (Ajay Singh) : मनोहरपुर के नंदपुर सुरीन टोला में मंगलवार को आदिवासी समन्वय समिति की बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता झारखंड आन्दोलनकारी बुधराम सुरीन ने की. बैठक में समिति के संयोजक बारला ने कहा कि 116 वर्षों से सारंडा के 10 वनग्राम को राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं देना और 9 वर्षों से सारंडावासियों को आवास योजना से वंचित रखना अन्याय है. उल्लेखनीय है कि 10-20 डिसमिल जमीन का वनाधिकार पट्टा देना अत्यंत ही दूर्भाग्यपूर्ण है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-7-and-a-half-lakh-stolen-from-a-house-locked-in-telco/">जमशेदपुर
: टेल्को में बंद मकान से साढ़े 7 लाख की चोरी इसको समिति अब बर्दाश्त नहीं करेगा. इसके लिए चरणबद्ध तरीके से जोरदार आंदोलन होगा. थोलकोबाद मुंडा गंगाराम होनहागा ने कहा कि विकास के नाम पर सारंडा के लोगों को छला जा रहा है. सारंडा में सड़क एवं बिजली व्यवस्था चरमरा गई है. जनवितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार चरम पर है. उसके खिलाफ भी आवाज बुलंद की जाएगी. ईलोर गांव के शान्तिएल काडयबुरु ने कहा कि विकास योजनाओं में न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही है. इसके लिए भी आवाज उठाई जाएगी. इसके लिए 31 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया. धरना प्रदर्शन के बाद भी यदि मांगें पूर्ण नहीं होंगी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. बैठक में मंगल सुरीन (मुण्डा), कामेश्वर माझी, पौल तोपनो, राजेन्द्र धनवार, नेल्सन लुगुन, राजेश पूर्ति आदि उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
मनोहरपुर : सारंडा के लोग सरकारी योजनाओं से वंचित

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