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मनोहरपुर : बचमगुटु में चर्च निमार्ण पर धर्म प्रचारक को बंधक बनाया

Manoharpur : मनोहरपुर के बचमगुटु गांव में वर्ष 2014 में दो पक्षों के बीच थाना में यह समझौता हा था कि गांव में चर्च का निर्माण नहीं करेंगे. बावजूद निर्माण किया जा रहा है. वहीं रविवार को प्रखंड के बचमगुटु गांव में प्रचार करने गए ईसाई धर्म के प्रचारक आनंदपुर प्रखंड के बाँदुनासा गांव के  प्रसाद चंपिया को गांव वालों से आधा घंटा से ज्यादा देर तक बंधक बनाकर रखा. इसको लेकर 8 साल बाद एक बार फिर गांव में तनाव का माहौल व्याप्त है. हालांकि दोपहर में थाना में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात सामने आई है. समझौता के दौरान एक पक्ष की ओर से रोबी लकड़ा, राजा सुरीन, सुनील हेम्ब्रम मौजूद थे जबकि दूसरे पक्ष की ओर से प्रसाद के अलावा मनोहरपुर सीएनआई चर्च के पादरी मनोहर भुइयां, इरुश खाखा और झारबेड़ा पंचायत के मुखिया दिलबर खाखा मौजूद थे. [caption id="attachment_276058" align="aligncenter" width="450"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/03/mano-300x200.jpeg"

alt="" width="450" height="300" /> घटना की जानकारी देते गांव के लोग.[/caption] इसे भी पढ़ें : किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-organized-a-three-day-football-competition-from-march-27-in-jojogutu-village/">किरीबुरु

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क्या है मामला

गांव के पूर्व ग्राम प्रधान सुनील हेम्ब्रम के अनुसार रविवार को बचमगुटु गांव के चबूतरा में ग्रामीण बाहा पर्व मनाने को लेकर एक बैठक कर रहे थे. इसी दौरान एक अनजान व्यक्ति को गांव की सड़क से गुजरते देखा गया. उसके बाद ग्रामीणों ने उसे बैठक में बुलाकर पूछताछ की. तब  व्यक्ति ने अपना नाम प्रसाद चंपिया बताते हुए कहा कि वह ईसाई धर्म का प्रचारक है और वह प्रचार करने आया है. उसने तेज स्वर में यह भी कहा कि आप लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते. साथ ही बताया कि वह प्रत्येक रविवार को गांव में धर्म का प्रचार करने आता है. साथ ही गांव में वह चर्च का निर्माण भी करा रहा है. इसी बात पर बात बढ़ गई और ग्रामीणों ने उसे बंधक बना लिया. बाद में थाना प्रभारी अमित कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रसाद चंपिया को अपने साथ ले गए.

आठ साल पहले भी हुआ था विवाद

जानकारी के मुताबिक धर्म परिवर्तन को लेकर सरना व ईसाई धर्म के लोगों के बीच साल 2014 में भी विवाद हुआ था. तब थाना में समझौता हुआ था कि गांव में धर्म परिवर्तन का कार्य नहीं करना है और न ही गांव में चर्च का निर्माण करना है. इसके बावजूद ताजा मामले ने एक बार फिर पुराने विवाद को हवा दे दी है. भुक्तभोगी धर्म प्रचारक प्रसाद चंपिया ने थाना में कहा कि उसे नहीं मालूम था कि इस मुद्दे को लेकर पूर्व में कोई विवाद हुआ था. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-luck-changes-with-hard-work-mla-sukhram/">चक्रधरपुर

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