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मनोहरपुर : भाई-बहन के प्यार का प्रतिक रक्षाबंधन को लेकर बाजार सज-धज कर तैयार

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Manoharpur (Ajay Singh) : रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में अभी से ही रौनक दिखाई देने लगी है. एक से बढ़कर एक आकर्षक राखियां दुकानों में सज गई है. बाजार में राखी खरीदने को  चहल पहल बढ़ गई है. बहनें भी जहां अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने को लेकर काफी उत्सुक है, वहीं भाई भी इसे लेकर खासा उत्साहित है. जो बहनें किसी कारणवश अपने भाइयों के पास नहीं पहुंच पा रही है वे पोस्ट, कुरियर अथवा ऑनलाइन माध्यम से भाइयों को राखी भेज रही है. जिससे भाई-बहन के बीच अटूट बंधन, स्नेह और विश्वास के प्रतीक, रक्षा बंधन का उत्साह व आनंद और भी दोगुना हो गया है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-traffic-remained-disrupted-due-to-falling-tree-branch-near-commissioners-residence/">चाईबासा

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रक्षाबंधन कब मनाए 30 या 31 को

इस साल रक्षाबंधन पर राखी कब बांधी जाएगी, इसको लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. कुछ लोगों का मानना है कि रक्षाबंधन 30 अगस्‍त को मनाया जाएगा तो कुछ लोग कह रहे हैं कि रक्षाबंधन 31 अगस्‍त को मनाया जाएगा. क्योंकि इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा का साया है. इसी वजह से लोगों में भ्रम की स्थिति बनी है. हिंदू पंचांग में इस बार तिथियों को लेकर मतभेद है. चूंकि रक्षाबंधन का पर्व हर साल पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. इस साल पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 30 अगस्त 2023 दिन बुधवार को हो रही है. लेकिन इसके साथ ही भद्रा काल भी लग जा रहा है. भद्रा काल 30 अगस्त को रात्रि 9 बजकर 5 मिनट पर खत्म होगा. पंडितों का मानना है कि 30 अगस्त को राखी बांधना सैद्धांतिक दृष्टि से ठीक हो सकता है, मगर व्यावहारिक दृष्टि से बिल्कुल ठीक नहीं होगा. इसलिए 31 अगस्त 2023 दिन गुरुवार को रक्षाबंधन मनाना राज-समाज के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा. जबकी रक्षाबंधन पूर्णिमा तिथि का शुभ मुहूर्त एवं सावन माह की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 30 अगस्त सुबह 10 बजकर 58 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 31 अगस्त दिन गुरुवार को सुबह 7 बजकर 05 मिनट पर समाप्त होगा. चूंकी इस बार सावन की पूर्णिमा की तिथि 2 दिन है. ऐसे में व्रत और स्नान दान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. किंतु इस दौरान भद्रा काल का साया रहने पर उस समय राखी बांधना अशुभ माना गया है. [wpse_comments_template]

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