Ranchi : पुलिस को पैसा देकर Maxizone के खिलाफ दर्ज ठगी के कुछ मामलों को रफादफा कर दिया गया. चंद्रभूषण की पत्नी प्रियंका सिंह ने ईडी द्वारा की गयी पूछताछ के दौरान इस बात को स्वीकार किया है. चंद्रभूषण के पास अपनी सालाना आमदनी 1.20 लाख रुपये होने का सरकारी सर्टिफिकेट था. वह 10 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी का रिटर्न दाखिल करता था. लेकिन उसके पास करोड़ों की संपत्ति थी. ईडी की जांच रिपोर्ट में इन तथ्यों का उल्लेख है.
Maxizone द्वारा की गयी ठगी की जांच के दौरान ईडी ने चंद्रभूषण सिंह और प्रियंका सिंह से पूछताछ की थी. प्रियंका सिंह ने पूछताछ के दौरान यह स्वीकार किया था कि कंपनी के खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी के मामले में विभिन्न राज्यों में कई प्राथमिकीयां दर्ज थी. इनमें से कुछ को रफादफा करा दिया गया था. इसके लिए पुलिस को पैसे दिये गये थे. पुलिस को पैसे देकर रफादफा करने के मामले में अभी आगे की जांच जारी है. चंद्रभूषण ने पूछताछ के दौरान Maxizone के नाम से ठगी करने की बाद स्वीकार की. साथ ही ठगी के पैसों से अपने और पारिवारिक सदस्यों के नाम पर चल अचल संपत्ति अर्जित करने की बात भी स्वीकार की.
ईडी ने चंद्रभूषण के मामले की जांच के दौरान पाया कि उसके पास 1.20 लाख रुपये की सालाना आमदनी का आय प्रमाण पत्र था. 2025 में इसे बिहार सरकार के सक्षम पदाधिकारी द्वारा जारी किया गया था. हालांकि चंद्रभूषण द्वारा सालाना 5-10 लाख रुपये तक की आमदनी का आयकर रिटर्न दाखिल किया जाता था. आयकर रिटर्न में चंद्रभूषण द्वारा आमदनी का स्रोत थोक और खुदरा व्यापार दिखाया जाता था. 2019-20 में चंद्रभूषण ने 5.66 लाख, 2020-21 में 5.58 लाख, 2021-22 में 9.95 लाख, 2023-25 में 10.33 लाख और 2024-25 में 10.44 लाख रुपये की आमदनी से संबंधित रिटर्न दाखिल किया है.
जांच के दौरान चंद्रभूषण के लैपटॉप से निवेशकों द्वारा 307.95 करोड़ रुपये Maxizone के खाते में जमा करने का ब्योरा मिला था. इस बिंदु पर आगे की जांच में पाया गया कि चंद्रभूषण ने इसमें से 294.68 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाया था. यह रकम एक लाख रूपये जमा करने पर आजीवन हर महीने 15 हजार रुपये देने की स्कीम के तहत लौटाये गये थे. इसके बाद बाकी बचे 58.27 करोड़ रुपये से चंद्रभूषण ने अपने और पारिवारिक सदस्यों के नाम पर संपत्ति खरीदी.
ईडी ने जांच के दौरान ठगी के पैसों से खरीदी गयी 10.84 करोड़ करोड़ रुपये की चल अचल संपत्ति की का विस्तृत ब्योरा जुटाया. इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जब्त कर लिया है. इसमें 4.98 करोड़ रुपये और अचल और 5.86 करोड़ रुपये की चल संपत्ति शामिल है. चंद्रभूषण ने इसी पैसों से अपने पिता के नाम पर दो फ्लैट खरीदा था. ईडी ने जांच के दौरान चंद्रभूषण के पिता से भी पूछताछ की थी. इसमें उन्होंने यह स्वीकार किया था कि बेटे ने फ्लैट खरीदने से संबंधित दस्तावेज पर दस्तखत कराया था. लेकिन पैसों के स्रोत आदि की जानकारी नहीं दी. उन्हें कागज पर दस्तखत करने के आलावा कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं है.

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