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सचिव के नहीं रहने से कैबिनेट में नहीं आ सका कल्याण विभाग का कई अहम प्रस्ताव!

Ranchi : हेमंत सोरेन कैबिनेट की एक अहम बैठक गुरूवार को हुई. बैठक में कई विभागों के प्रस्ताव पर स्वीकृति मिली. कैबिनेट में अनुसूचित जाति, जनजाति कल्याण विभाग का भी कई अहम प्रस्ताव लाया जाना था. लेकिन यह नहीं आ सका. इसका पीछे वजह विभागीय सचिव का नहीं होना बताया जा रहा है. कल्याण विभाग के सचिव के.श्रीनिवासन नागालैंड विधानसभा चुनाव में पर्यवेक्षक बनाए गए हैं. इस कारण वे बीते 3 फरवरी से एक माह के लिए नागालैंड दौरे पर हैं. बता दें कि सचिव का पद किसी भी विभाग के लिए काफी अहम होता है. जब भी सचिव लंबी अवधि के लिए अवकाश पर चले जाते हैं, तो तत्काल ही किसी अन्य अधिकारी को उस पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है, ताकि विभाग का कार्य प्रभावित नहीं हो. लेकिन अभी तक कार्मिक विभाग द्वारा किसी अन्य अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार नहीं सौंपा गया है. इसे भी पढ़ें - रिम्स">https://lagatar.in/photos-changed-as-soon-as-system-changed-in-rims-listen-viral-audio-asking-for-30-thousand-job-trolley-man/">रिम्स

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वंदना डांडेल के छुट्टी पर जाने से पहले दिया गया था अतिरिक्त प्रभार

गौरतलब है कि कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग सहित तीन विभागों (मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग और उद्योग विभाग) की प्रधान सचिव का कार्य देख रही वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वंदना डांडेल 20 जनवरी से छुट्टी पर गयी थी. उनके छुट्टी पर जाने के एक दिन पहले यानी 19 जनवरी को ही तीनों विभागों का अतिरिक्त प्रभार तीन अन्य अधिकारियों को सौंपा गया. इस बाबत कार्मिक विभाग की ओर से अधिसूचना भी जारी की गयी थी. इसे भी पढ़ें - सरकार">https://lagatar.in/government-withdraws-appeal-to-celebrate-cow-hug-day-on-february-14-on-valentines-day/">सरकार

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