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आठ माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज श्रमिकों ने की तालाबंदी समेत हजारीबाग की कई खबरें

Barkatta (Hazaribagh) : जीटी रोड सिक्सलेन सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य करवा रही कंपनी राजकेशरी प्राइवेट लिमिटेड के सुरक्षा गार्ड में लगे स्थानीय मजदूरों को आठ माह से वेतन नहीं मिला है. इससे नाराज दर्जनों लोगों ने गोलबंद होकर शुक्रवार को कंपनी के मुख्य गेट में ताला लगा दिया और मुख्य गेट पर तंबू लगाकर मजदूर अपने वेतन की मांग को लेकर गेट के समक्ष धरने पर बैठ गए. मौके पर जिप सदस्य प्रतिनिधि सीके पांडेय, गोल्डन सिक्योरिटी सर्विस एजेंसी के प्रोवाइडर सूरज शांडिल्य संचालक सुभाष शांडिल्य मौजूद थे. सीके पांडेय ने कहा कि आठ माह से मजदूरों को वेतन नहीं मिलना दुर्भाग्य की बात है, जहां मजदूर रात दिन मेहनत करते हैं और लोगों को समय पर मजदूरी नहीं मिले तो इससे घृणित कार्य और क्या हो सकता है. वहीं जिप सदस्य प्रतिनिधि सीके पांडेय के नेतृत्व में राजकेशरी कंपनी के अधिकारी मो. अजहरुद्दीन और सिक्योरिटी सर्विस एजेंसी के संचालक के साथ वार्ता कर आगामी सोमवार तक दो माह के वेतन और तीन महीने के अंदर सभी बकाया भुगतान करने पर सहमति बनी. मौके पर सुरक्षा गार्ड उमेश कुमार राम, धानेश्वर गोस्वामी, पाचु महतो, झमन साव, सुकरा उरांव, राजेन्द्र राणा, मोती निषाद, साबिर अली, मुमताज आलम, मो. मुख्तार, सलामत मियां, छोटू यादव, संतोष पांडेय, दर्शन महतो, सुजान बास्के, विजय सिंह समेत आदि दर्जनों लोग मौजूद थे.

किसान आंदोलन रोकने की बजाय बॉर्डर पर कील लगाये सरकार : डॉ. आरसी मेहता

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alt="" width="600" height="400" /> हजारीबाग : गरीबी का पर्यायवाची शब्द किसान है. ये बातें खैरा ग्रामीण क्षेत्र भ्रमण के दौरान डॉ. आरसी मेहता ने कही. उन्होंने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं, इसलिए कृषकों के दर्द समझता हूं. आज देश में किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलने से किसान कृषि कार्य छोड़कर मेट्रोपॉलिटन शहरों में मजदूरी के लिए पलायन कर रहे हैं. किसान आंदोलन को केंद्र सरकार दिल्ली के हर बॉर्डर पर कील कांटे बैरिकेड लगा रही है, ताकि किसान अपनी मांग सरकार से न कर सके. मोदी साहब दिल्ली बॉर्डर में कील कांटे की बजाय चीन पाकिस्तान बांग्लादेश के बॉर्डर पर कील कांटे लगाकर विदेशी घुसपैठियों को रोकिये. क्षेत्र भ्रमण में मुख्य रूप से मंडल अध्यक्ष गिरधारी महतो, ब्रजकिशोर मेहता, चंद्रदेव प्रसाद, एडवोकेट संजय दास, प्रखंड अध्यक्ष लालमोहन रविदास, राजकुमार मेहता, अजय वर्मा, जलेश्वर यादव, सुधीर कुशवाहा, खगेंद्र कुशवाहा, मनोज मेहता, नजीर मियां, कुलदीप राम आदि दर्जन लोग शामिल रहे.

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बंद पीएसए प्लांट जल्द शुरू होगा : सीएस

मामले को लेकर सीएस से मिले रंजन चौधरी, मिला आश्वासन

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alt="" width="600" height="400" /> हजारीबाग : हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में पीएम केयर फंड से स्थापित दो पीएसए ऑक्सीजन प्लांट महीनों से बंद है. इसे लेकर शुक्रवार को हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने हजारीबाग के सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह से मुलाकात की. रंजन चौधरी ने सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह से मिलकर इस गंभीर और ज्वलंत मामले पर संज्ञान लेते हुए इसे जरूरतमंद मरीजों के हित में यथाशीघ्र सुचारू कराने की मांग की. सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने रंजन चौधरी को आश्वस्त किया कि पीएसए प्लांट के सप्लायर से बात हुई है. जल्द ही इसे सुचारू कर लिया जाएगा. विधायक मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट से शुद्ध मेडिकल ऑक्सीजन बेड टू बेड मिलता है, लेकिन इसके बंद होने से इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन जंबो सिलेंडर के माध्यम से आपूर्ति हो रहा है. ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई होने से कई प्रकार के जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी.

नियमों को ताक पर रख कर हो रहा माइंस का विस्तार, जनजीवन को खतरा, ग्रामीणों ने आपत्ति जतायी

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alt="" width="600" height="400" /> केरेडारी : एनटीपीसी केरेडारी कोयला खनन परियोजना में अभी कोयला ढोने के लिए एलएंडटी कंपनी द्वारा कन्वेयर बेल्ट का अभी निर्माण नहीं हुआ है. लेकिन बीजीआर कंपनी द्वारा पांडू गांव में घनी आबादी के बीच बिना सुरक्षा घेरा खड़े किए ही माइंस विस्तार की प्रक्रिया में तेजी लाने का काम युद्धस्तर पर हो रहा है. जबकि बीजीआर को 2024 साल के अगस्त महीने से नियमतः कोयला खनन का काम शुरू करना था. वहीं विस्थापित बजरंग कुमार प्रजापति बताते हैं कि इधर खनन प्रक्रिया में बिना सुरक्षा हेवी ब्लास्टिंग से जनजीवन के बीच खतरा पैदा होने की आशंका बनी हुई है. गांव में विस्थापितों के बीच मुआवजा, पेंशन, विस्थापन, रोजगार, हक अधिकार, विस्थापन कार्ड आदि की समस्या जस की तस बनी हुई है, अभी बस्ती और आबादी को खाली भी नहीं कराया गया है. उमेश कुमार बताते हैं कि कंपनी काफी तेजी से नियमों को ताक में रखकर पुलिस प्रशासन के सहयोग से विस्थापितों को डराते धमकाते हुए ओबी हटाने की प्रक्रिया में दिन रात जुटी हुई है. विस्थापितों के मन में इस तरह की कार्रवाई से भय का माहौल बना हुआ है और सब कोई कंपनी द्वारा अघोषित इस लाल आतंक से चुप्पी साध लेने में ही अपने और परिवार की भलाई मान रहे हैं. जगदीश साव बताते हैं कि कंपनी के समक्ष जब कोई भी विस्थापित परिवार अपना हक अधिकार के लिए आवाज बुलंद करने की कोशिश करता है तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर दिया जाता है. नतीजतन विवश होकर लोग कंपनी की अघोषित नीतियों के आगे खुद को बौना साबित करके लाचार और बेबस महसूस करते हैं. ग्रामीणों ने जब कंपनी के साथ वार्ता करने के लिए समय निर्धारित किया. फिर भी कंपनी के कानों में जूं तक नहीं रेंगी लाचार होकर ग्रामीण अपना हक और अधिकार के लिए शांतिपूर्ण तरीके से 28 फरवरी से भू रैयत प्रभावित कंपनी की सारे कामों को बंद करेंगे. इसके लिए प्रतिलिपि सांसद हजारीबाग, विधायक बड़कागांव, अंचलाधिकारी, केरेडारी थाना प्रभारी, केरेडारी एनटीपीसी केरेडारी कोल परियोजना को सूचना दी गई है.

भारी मात्रा में अवैध जावा महुआ को किया गया नष्ट

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alt="" width="600" height="400" /> चौपारण : लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही प्रशासन ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है. क्षेत्र में हो रहे अवैध कार्यों पर शिकंजा कसना प्रशासन ने शुरू कर दिया है. इसी क्रम में प्रखंड के भगहर पंचायत के ग्राम लोहरा और भंडार में झारखंड-बिहार के उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई शराब भट्ठियों को नष्ट किया और महुआ चुलाई शराब बनाने वाले उपकरण को भी घटनास्थल पर ही नष्ट किया. इस संबंध में उत्पाद एएसआई अमित कुमार ने बताया कि सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के निर्देशानुसार बिहार मद्ध निषेध के गया जिला व हजारीबाग उत्पाद के साथ संयुक्त रूप से टीम गठित कर चौपारण थाना अंतर्गत भंडार और लोहरा में अवैध चुलाई शराब के विरुद्ध छापेमारी की गई. छापामारी के दौरान बिहार और झारखंड को अलग करने वाली नदी से और झाड़ी से करीब 80000 किग्रा अवैध जावा महुआ को तथा महुआ चुलाई शराब बनाने वाले उपकरण को घटनास्थल पर नष्ट किया गया. वहीं घटना स्थल से करीब 290 लीटर अवैध चुलाई शराब बरामद कर जब्त किया. अभियुक्तों की पहचान कर अभियुक्त के विरुद्ध फरार अभियोग दर्ज किया जा रहा है. गौरतलब हो कि भगहर पंचायत के कई जंगली इलाकों में बड़े पैमाने पर शराब का अवैध तरीके से उत्पादन होता है. अवैध तरीके से यहां शराब निर्माण के लिए कई मिनी फैक्टरी भी संचालित है, जिसमें कई तस्कर बेखौफ होकर शराब तस्करी के कार्य में जुटे हुए हैं. छापेमारी अभियान में गया उत्पाद विभाग के निरीक्षक जनार्दन प्रसाद, हजारीबाग उत्पाद विभाग के अशोक कुमार समेत काफी संख्या में पुलिस बल शामिल थे. इसे भी पढ़ें : पलामू">https://lagatar.in/palamu-a-young-man-and-a-girl-fell-in-love-in-a-moving-train-then-police-entered/">पलामू

: चलती ट्रेन में युवक-युवती को हो गया प्यार, फिर हुई पुलिस की इंट्री…
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