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ऑन-ऑफ करने की जरूरत नहीं, सेंसर करेगा सबकुछ
इन सोलर लाइट्स को ऑन-ऑफ करने की जरूरत नहीं है. ये लाइटें सेंसर के जरिए संचालित होंगी. इससे किसी व्यक्ति विशेष पर इन लाइटों को ऑन-ऑफ करने की जिम्मेदारी नहीं रहेगी. शाम ढलते ही ये लाइट्स ऑन हो जाएंगे और सुबह की पहली किरण निकलने के साथ लाइटें ऑफ हो जाएंगी. इन लाइटों से गांवों में एक ओर जहां बिजली की बचत होगी, वहीं कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी, जिससे ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी. रोशनी पर्याप्त हो, इसके लिए 20 वाट का ट्यूब लगाया गया है. इन लाइटों की खासियत यह है कि अगर किसी कारण से 24 घंटे सूर्य की रोशनी नहीं मिलती है, तब भी ये गांवों की गलियों को रोशन करेंगे. पोल पर लगे सोलर पैनल से सिस्टम में लगी बैटरी चार्ज हो जाएगी और इमरजेंसी में भी काम देगी. आने वाले समय में फाउंडेशन की ओर से स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, पूजा स्थल और बस स्टैंड आदि जगहों पर भी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी. इसे भी पढ़ें-चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-various-issues-were-discussed-in-the-review-meeting-of-niti-aayog/">चाईबासा: नीति आयोग की समीक्षा बैठक में विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा [wpse_comments_template]

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