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मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पर आदिवासी समुदाय ने की भारत रत्न की मांग

 
Ranchi: नवा टोली स्थित सरना अखड़ा स्थल पर मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती पवन तिर्की की अगुवाई में मनाई गई. इस मौके पर सैकड़ों आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत मरांग गोमके के कटआउट के साथ की गई, जहां गेंदा फूलों की माला अर्पित कर अगरबत्ती जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. इस अवसर पर अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के रांची महानगर अध्यक्ष पवन तिर्की ने कहा कि 3 जनवरी 1903 को जन्मे मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने बहुत कम उम्र में आदिवासियों की आवाज को संविधान सभा में उठाया था. इसके साथ ही वे संविधान सभा के सदस्य भी रहे. उन्होंने सभी को एक सूत्र में बांधने का प्रयास किया और इसके लिए आदिवासी महासभा का गठन किया. वे राजनीति के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी महारथी थे. हॉकी में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया और झारखंड का नाम रोशन किया. आज आदिवासी और दलित को संविधान में स्थान मिला है और आदिवासी आरक्षित वर्ग में शामिल हैं. उन्हें भारत रत्न से नवाजा जाना चाहिए था. इस अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी सुधीर मुंडू ने कहा कि मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने आदिवासी और दलितों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई थी. युवाओं को आज भी अपनी आवाज बुलंद करने की जरूरत है. पेसा कानून को प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए. कार्यक्रम में पवन तिर्की, पितरूस एक्का, अभय तिग्गा, फेडरिक तिग्गा, सुधीर मुंडू, आकाश तिर्की, लककी सिंककु, निरंजन तिर्की, महादेव बड़ाईक, रोशन बड़ाईक, अनिल कच्छप, बैजू टोप्पो, विनीत कच्छप, पूनम टोप्पो, सुनील माचियारी, अनुज हेमरोम और अन्य लोग भी उपस्थित थे. वहीं दूसरी ओर कांके रोड स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में कांके रोड सरना समिति के बैनर तले मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की 122वीं जयंती मनाई गई. प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके संघर्षों को याद किया गया. कांके रोड सरना समिति के अध्यक्ष डब्लू मुंडा ने कहा कि मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा आदिवासी समाज के महान नेता थे. उन्होंने झारखंड राज्य की मांग की थी और आदिवासियों पर हो रहे शोषण और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई थी. आदिवासी समाज की धर्म, संस्कृति, हक और अधिकार की रक्षा के लिए आदिवासी महासभा का गठन किया. कार्यकारी अध्यक्ष शशि मुंडा ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा ने ओलंपिक में भारत को गोल्ड मेडल दिलाया और खेल के क्षेत्र में भी वे निपुण थे. उनके पास नेतृत्व करने की अपूर्व क्षमता थी. इस मौके पर उपाध्यक्ष सतिश खलखों, महासचिव राजेश लकड़ा, सलाहकार प्रकाश टोप्पो, उप-सचिव लखन मुंडा समेत अन्य लोग भी उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें -मरांग">https://lagatar.in/marang-gomke-jaipal-singh-munda-birth-anniversary-and-oxford-blue-title-centenary-celebrations-held/">मरांग

गोमके जयपाल सिंह मुंडा जयंती और ऑक्सफोर्ड ब्लू खिताब शताब्दी समारोह का आयोजन
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