Mumbai : महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का पेंच आखिरकार सुलझ गया. एक दिन के अल्टीमेटम के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मनोज जारांगे पाटिल की सारी मांगें मान ली है. जिसके बाद पाटिल ने इस आर-पार के आंदोलन और अनशन को खत्म करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि सीएम एकनाथ शिंदे ने अच्छा काम किया है. सीएम ने हमारी मागों को मान लिया है. जिसके बाद हमारा विरोध प्रदर्शन खत्म हो गया है. कहा कि सीएम ने हमारा अनुरोध स्वीकार कर लिया गया है, हम उनका पत्र स्वीकार करेंगे. कहा कि वो मुख्यमंत्री के हाथ के हाथ से जूस पीकर अनशन खत्म करेंगे.
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महाराष्ट्र: मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल आज नवी मुंबई में सरकार द्वारा उनकी मांगें माने जाने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में अपना अनशन समाप्त करेंगे। pic.twitter.com/r8lLmVPkEx
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27, 2024
शुक्रवार देर रात प्रतिनिधिमंडल के साथ पाटिल ने की थी बैठक
दरअसल जरांगे ने घोषणा की थी कि अगर सरकार ने आज रात तक उनकी मांगें पूरी नहीं की तो वह शनिवार को मुंबई की ओर कूच शुरू करेंगे और भूख हड़ताल पर बैठेंगे. जिसके बाद एकनाथ शिंदे ने अधिकारियों के साथ बैठक कर मनोज जरांगे पाटिल की मांगों पर चर्चा की. इसके बाद पाटिल से मिलने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल मसौदा अध्यादेश के साथ भेजा. जिसके बाद शुक्रवार रात पाटिल और महाराष्ट्र सरकार प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई. जिसमें शिंदे सरकार ने पाटिल की सारी मांगें मान ली. प्रतिनिधिमंडल में सामाजिक न्याय विभाग के सचिव सुमंत भांगे, औरंगाबाद मंडलीय आयुक्त मधुकर अरंगल, मुख्यमंत्री के निजी सचिव अमोल शिंदे और अन्य लोग शामिल थे.मनोज जरांगे की मांगें
- मराठा समुदाय के लोगों के लिए ओबीसी के तहत सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण की मांग
- मराठा समुदाय को फुलप्रूफ आरक्षण मिले.
- आरक्षण आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज अपराधों को रद्द करने के लिए एक तारीख तय हो.
- महाराष्ट्र सरकार मराठा समुदाय के आर्थिक और सामाजिक पिछड़ेपन के सर्वेक्षण के लिए राशि दे और कई टीमें बनाये.
- मराठों को कुनबी जाति प्रमाण-पत्र देने वाला एक सरकारी आदेश पारित किया जाना चाहिए और महाराष्ट्र शब्द जरूर शामिल होना चाहिए.
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