Ranchi : वन विभाग के रिटायर्ड अधिकारियों के सेवा विस्तार का मामला सात महीने से सरकार के पास लंबित है. सरकार ने वन रेंजरों की कमी को देखते हुए रिटायर्ड रेंजरों को अवधि विस्तार का लाभ देने का फैसला किया था. इसका उद्देश्य अफसरों की कमी से वन विभाग की योजनाओं को प्रभावित होने से बचाना है.
इसे भी पढ़ें
राज्य में रेंज अफसरों के स्वीकृत 383 पदों के मुकाबले सिर्फ 14 रेंजर ही कार्यरत हैं. रेंजरों की कमी की वजह से वन विभाग की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं. इसके अलावा वनों की अवैध कटाई, वन क्षेत्र में खनन आदि पर भी नजर रखना संभव नहीं हो रहा है.
इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने रिटायर्ड रेंजरों को सेवा विस्तार का लाभ देने के फैसला किया था. मार्च 2024 को हुई कैबिनेट की बैठक में रेंजरों की कमी की वजह से वन विभाग की योजनाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए रिटायर्ड रेंजरों को तीन साल के सेवा विस्तार का लाभ देने का फैसला किया गया था.
कैबिनेट के फैसले के आलोक में रिटायर्ड रेंजरों को दो बार सेवा विस्तार का लाभ दिया चुका है. वित्तीय वर्ष 2026-27 की अवधि के लिए रिटायर्ड रेंजरों को तीसरी बार सेवा विस्तार का लाभ देने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया था. लेकिन यह पिछले सात महीने से सरकार के पास विचाराधीन है. ऐसी स्थिति में उन अधिकारियों से काम लिया जा रहा है, जिनके सेवा विस्तार का मामला सरकार के पास विचाराधीन है.

