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मायावती ने मुख्तार अंसारी की मौत की उच्‍च स्‍तरीय जांच करने की मांग की

Lucknow :  बांदा जेल में बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी का गुरुवार देर रात हार्ट अटैक से निधन हो गया.  बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने मुख्तार अंसारी मौत मामले की उच्‍च स्‍तरीय जांच की मांग की है.  मायावती ने सोशल मीडिया साइट `एक्‍स` पर लिखा कि मुख्तार अंसारी की जेल में हुई मौत को लेकर उनके परिवार द्वारा जो लगातार आशंकाएं और गंभीर आरोप लगाये गये हैं, उनकी उच्च-स्तरीय जांच जरूरी है,  ताकि उनकी मौत के सही तथ्य सामने आ सकें. बसपा प्रमुख ने आगे लिखा कि ऐसे में उनके परिवार का दुखी होना स्वाभाविक है. कुदरत उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति दे.

हार्ट अटैक आने से मुख्तार अंसारी की हुई मौत

जानकारी के अनुसार, मुख्तार अंसारी की तबीयत गुरुवार देर रात अचानक बिगड़ गयी थी. वो बैरेक में बेहोश होकर गिर गये थे. जिसके बाद उन्हें दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. सूत्रों की मानें तो मुख्तार अंसारी  को हार्ट अटैक आया था. इससे पहले मंगलवार को भी उन्हें रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. 14 घंटे आईसीयू में रखा गया था. गुरुवार को हालत बिगड़ने पर फिर से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बताया जाता है कि मुख्तार अंसारी को स्टूल सिस्टम की समस्या थी. माफिया डॉन की मौत के बाद यूपी और बांदा जेल की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है.

मुख्तार ने कोर्ट में जेल में धीमा जहर देने का लगाया था आरोप 

गाजीपुर से बहुजन समाज पार्टी के सांसद अफजाल ने भी बताया कि मुख्तार ने उन्हें बताया था कि करीब 40 दिन पहले भी उन्हें जहर दिया गया था. हाल ही में शायद 19 या 22 मार्च को फिर ऐसा किया गया. जिसके बाद से उनकी हालत खराब है. अफजाल ने बताया कि मुख्तार के वकील ने बाराबंकी कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर जेल में उनके मुवक्किल को धीमा जहर देने का आरोप लगाया था. जिससे उनकी हालत बिगड़ती जा रही है. बता दें कि समाजवादी पार्टी ने मुख्‍तार के निधन पर शोक जताया. सपा के `एक्‍स` पर लिखा कि पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी जी का इंतकाल, दुःखद. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें. शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो. विनम्र श्रद्धांजलि!``

लगातार पांच बार मऊ विधानसभा सीट से विधायक थे मुख्तार अंसारी

बताते चलें कि मुख्तार अंसारी 1996 से 2017 तक लगातार पांच बार मऊ विधानसभा सीट से विधायक थे. मुख्तार अंसारी पहली बार (1996) और आखिरी बार (2017) बसपा के टिकट पर चुनाव जीता था. वह दो बार निर्दलीय और एक बार अपने भाई सांसद अफजाल अंसारी के नेतृत्व वाली कौमी एकता दल के टिकट पर निर्वाचित हुए थे. बसपा से गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी को समाजवादी पार्टी (सपा) ने वहां से अपना उम्मीदवार घोषित किया है. [wpse_comments_template]

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