: 1932 के खतियान का विरोध करने पर 6 लोगों को जिला प्रशासन ने भेजा नोटिस
आदिवासियों के हित में मधु कोड़ा ने परिसीमन लागू नहीं होने दिया
जिला अध्यक्ष देवराज चातार ने कहा कि अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में परिसीमन के मुद्दे पर 28 एसटी सीट में से घटकर 22 होने वाली थी और 6 आदिवासी सीट विलुप्त हो रही थी जिसमें से एक ST सांसद सीट भी लुप्त हो रही थी. मझगांव विधान सभा के चारों प्रखंड जगन्नाथपुर में शामिल हो रहे थे और मझगांव विधानसभा का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर था. तत्कालीन मधु कोड़ा के कैबिनेट ने झारखंड में परिसीमन लागू होने नहीं दिया. इससे यह प्रतीत होता है कि मधु कोड़ा आदिवासी और मूलवासी के हितों से समझौता नहीं करने वाले हैं. प्रेस कांफ्रेस में ग्रामीण प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रितेश कुमार तामसोय, ओबीसी प्रकोष्ठ के वरीय जिला उपाध्यक्ष मासूम रजा,पुर्व जिला सचिव रविंद्र बिरुवा, पुर्व प्रखंड़ अध्यक्ष शैलेश कुमार गोप, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष मुजफ्फर हुसैन उपस्थित थे.
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