कारोबारियों का कहना है कि बाजार में छाई मंदी का दूसरा कारण कोरोना की तीसरी लहर आने का खौफ है. लोगों में यह भावना घर कर गई है कि यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है तो लॉकडाउन लगेगा. ऐसे में पैसे बचा कर रखना जरूरी है. इसलिए लोग खरीदारी से बच रहे हैं. कम पैसे में ही घर का खर्च चला रहे हैं. इस कारण भी बाजार में खरीदारी कम हो गई है. हाल के दिनों में कड़ाके की ठंड के कारण भी लोगों का झुकाव खरीदारी के प्रति काफी कम देखा जा रहा है. लोगों का ज्यादा झुकाव खानपान एवं ठंड से बचाव पर है. इसे भी पढ़ें- शीतकालीन">https://lagatar.in/winter-session-ends-lok-sabha-rajya-sabha-adjourned-indefinitely-modi-government-passed-all-bills-related-to-the-ordinance/">शीतकालीन
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पलामू का बाजार किसानों पर निर्भर है
पलामू जिला व्यवसायी संघ के संरक्षक नवल तुलस्यान ने बताया कि पलामू का बाजार मुख्य रूप से किसानों पर निर्भर है. यहां कल कारखानों की कमी है. ऐसे में किसानों की फसल अच्छी होती तो उन्हें अच्छी कीमत मिलती. तो बाजार में रौनक रहती. लेकिन इस बार स्थिति कुछ बदली हुई है. इसका असर कारोबार पर पड़ रहा है. बाजार के व्यवसायी राजीव कुमार जैन ने बताया कि हाल के दिनों में कोरोना वायरस की तीसरी लहर की आहट और बढ़ते ठंड के कारण भी बाजार मंदी के दौर से गुजर रहा है. इस बार ऊनी कपड़ों का कारोबार भी महज 40 % तक सिमट कर रह गया है. बाजार के युवा व्यवसायी प्रभात कुमार ने बताया कि इस बार लगन में बाजार कुछ ठीक-ठाक रहा. लगन समाप्त होते ही बाजार में मंदी आ गई. कोरोना काल में जो क्षति व्यवसायियों को हुई थी, उससे लोग नहीं निकल पा रहे हैं. इसे भी पढ़ें- माधुरी">https://lagatar.in/madhuri-fame-pappu-sardar-and-mondrita-chatterjee-appointed-by-jnac-as-its-brand-ambassadors/">माधुरीफेम पप्पु सरदार एवं मोन्द्रिता चटर्जी को जेएनएसी ने बनाया अपना ब्रांड एंबेसडर [wpse_comments_template]
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